भोपाल. राजधानी के बहुचर्चित डॉ. जयश्री नामदेव हत्याकांड मामले में आरोपी को अनुराग उर्फ गगन नामदेव (30 वर्ष) को अदालत ने आजीवन कारावास और पांच हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अनुराग ने 8 मई, 2014 को लालघाटी के पास सुंदरवन कोहिनूर मैरिज गार्डन में शादी समारोह के वक्त स्टेज पर चढ़कर दुल्हन डॉ. जयश्री को गोली मार दी थी।
घटना के बाद जयश्री ने अस्पताल पहुंचते-पहुंचते ही दम तोड़ दिया था। परिवार वाले जहां कुछ समय पहले तक बेटी की शादी की खुशियां मना रहे थे, कुछ मिनटों में ही खुशियां मातम में बदल गईं। जहां से दुल्हन की डोली उठनी थी वहीं से अर्थी उठी। घरवालों से लेकर पड़ोसियों की आंखें नम थी।
उस दिन क्या हुआ था, दूल्हे की जुबानी...
‘हमारा फोटो सेशन खत्म हो चुका था। हत्यारा मुंह पर सफेद कपड़ा लपेटे स्टेज पर आया। उसकी सिर्फ एक आंख दिख रही थी। मैं कुछ समझ पाता इससे पहले ही वह जयश्री की ओर से मंच पर चढ़ा, उसने हाथ उठाया और फायर कर दिए। इसके बाद वह मुझे मारने के लिए मुड़ा तो मैंने उसे धक्का देकर गिरा दिया। लहुलुहान जयश्री को हम जब अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वह नहीं बच सकी।’
मैं उसे बेहद प्यार करता था..
गिरफ्तारी के बाद पुलिस को दिए बयान में अनुराग ने कहा था कि वह जयश्री से बेहद प्यार करता था। वह उसे किसी और के गले में वरमाला डालते कैसे देख सकता था? अनुराग ने एक दिन पहले ही जयश्री को मारने का इरादा कर लिया था।
पता नहीं था कि वह ऐसा करेगाजयश्री के पिता घनश्याम ने अपने बयान में कहा था कि उन्हें पता नहीं था कि अनुराग उनकी बेटी के साथ ऐसा करेगा। डॉ. जयश्री व डॉ. रोहित की सगाई के बाद जब
फेसबुक पर इसके फोटो शेयर किए गए तो उन्हें अनुराग के एकतरफा प्यार की बात पता चली थी। अनुराग, जयश्री की बुआ का लड़का है।
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