भोपाल. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के तीन महीने के बाद जिला प्रशासन ने आखिरकार सीवेज से सब्जियों की सिंचाई करने वाले सब्जी फार्म पर कार्रवाई शुरू की है। रविवार को शाहपुरा के 12 नंबर स्टाॅप स्थित चार सब्जी फार्म में उगाई गई सब्जियों की फसल को जिला प्रशासन ने जेसीबी चलाकर नष्ट किया। यहां सब्जियों की सिंचाई शाहपुरा तालाब के सीवेज से की जा रही थी। जिला प्रशासन की कार्रवाई अगले एक हफ्ते तक जारी रहेगी।
टीटी नगर तहसीलदार आरएल बागरी ने बताया कि 12 नंबर बस स्टाॅप के नजदीक 30 से ज्यादा सब्जी फार्म संचालक शाहपुरा तालाब के गंदे पानी से सब्जियों की सिंचाई कर रहे हैं। उन्हें एक महीने पहले इस सिंचाई पर रोक के आदेश दिए गए थे।
इसका पालन न करने पर रविवार को क्षेत्र के आठ एकड़ में फैले चार सब्जी फार्म में कार्रवाई की गई। यहां बैंगन, टमाटर, धनिया, तोरई, खीरा और लौकी की फसल को जेसीबी चलाकर नष्ट किया है। गौरतलब है कि एनजीटी ने जून 2014 में तालाब के गंदे पानी और सीवेज से उगाई जा रही सब्जियों की फसल काे नष्ट करने के आदेश प्रमुख सचिव कृषि और कलेक्टर को दिए थे।
इन इलाकों भी हो रही सीवेज फार्मिंग
कोच फैक्टरी, चांदबड़, इस्लामपुरा, सूखी सेवनिया, अशोका गार्डन, अयोध्या बायपास रोड़ क्षेत्र, शाहपुरा, पातरा नाले के किनारे और लहारपुर डेम के आसपास का इलाका।