विज्ञापन

MLA का चलता-फिरता हाईटेक ऑफिस, FAX और WI-FI सभी इसी में

Dainik Bhaskar

Apr 27, 2015, 12:16 AM IST

यानी लोगों को किसी भी काम के लिए न तो बंगले जाना होगा और न ही किसी सरकारी दफ्तर।

Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
  • comment
भोपाल. खासतौर से डिजाइन इस गाड़ी के भीतर है एक शानदार ऑफिस। एक डेस्क पर रिसेप्शनिस्ट। लैपटॉप व कम्प्यूटर पर व्यस्त युवा प्रोफेशनल। फैक्स। वाई-फाई। मीटिंग रूम के लिए सेकंड फ्लोर पर 200 वर्गफीट का केबिन। कम्युनिकेशन की सारी सुविधाओं से लैस यह चलता-फिरता दफ्तर किसी मल्टीनेशनल कंपनी का प्रचार वाहन नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के नरेला विधायक विश्वास सारंग का नया सचिवालय है। फील्ड में उतरने के लिए तैयार है।
वे स्टाफ सहित इसमें जाएंगे। समस्याएं मौके पर ही सुनेंगे। वहीं निराकरण। साथ में सरकारी योजनाओं की जानकारी यानी लोगों को किसी भी काम के लिए न तो बंगले जाना होगा और न ही किसी सरकारी दफ्तर।
वे कहते हैं, पहली बार चुनाव लड़ने के बाद पैदल दौरे किए। वक्त भी ज्यादा लगा। लेकिन सिर्फ समस्याएं सुनने में ही ज्यादा वक्त लगा। फिर, हर वार्ड में ऑफिस बनवाए, जहां हफ्ते में एक दिन लोगों से मिलते थे। उसी दौरान यह आइडिया आया। जिस गाड़ी से चुनाव रैली शुरू की, उसे हैदराबाद में दफ्तर के हिसाब से बदलाव कराया। फर्स्ट फ्लोर का केबिन ओपन भी है। ऊपरी छत आसानी से फोल्ड हो जाती है। खड़े होकर संबोधित कर सकते हैं।

क्या-क्या नया : सरकारी योजनाओं के आवेदन फाॅर्म होंगे। कोई फाॅर्म में फोटो लगाना भूल गया है तो कैमरा भी रहेगा। फोटोकॉपी व प्रिंटर से लेकर स्टेशनरी तक सब कुछ। गाड़ी के बाहर पैनल खोलने के बाद इसमें एलईडी होगी, जिससे योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
लोगों की समस्याओं के आवेदन बनाना और संबंधित सरकारी दफ्तरों को ईमेल करना। पुराने आवेदनों का स्टेटस पता करना। सरकारी योजनाओं से लोगों को जोड़ना। उनके फाॅर्म मौके पर ही भरवाना। मेडिकल या हैल्थ चेकअप कैंप लगाना। फ्री टाइम में स्किल डेवलमेंट कार्यक्रम को संचालित करना। विश्वास बताते हैं कि दफ्तर हाइटेक है, पर लुक सिंपल है।
गोपाल भार्गव के बंगले में मरीजों के लिए खास यूनिट
भोपाल के 74 बंगले में है पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव का सरकारी आवास। इसके एक हिस्से में मंत्री रहते हैं। दूसरा हिस्सा गढ़ाकोटा (सागर) के उन लोगों के रुकने के लिए है, जिनका कोई न कोई करीबी, परिजन या रिश्तेदार भोपाल के किसी अस्पताल में भर्ती है। बीस बिस्तर लगे हैं। स्टाफ में चार लोग ऐसे हैं, जिनका काम इन मरीजों और उनके परिजनों की देखभाल करना है। भार्गव कहते हैं कि उनके कम्प्यूटर में ऐसे लोगों की संख्या 10 हजार से ऊपर है, जो यहां इलाज के लिए आ चुके हैं।
जीतू पटवारी ने अस्पताल के लिए दी 25 एकड़ जमीन
इंदौर की राऊ सीट से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी किडनी मरीजों के लिए डायलिसिस की मदद देते थे। पैसे कम पड़े तो डॉक्टरों से बात की। जब लगा कि जटिल बीमारी के पैसे ज्यादा लगने लगे हैं तो अपने हिस्से की 25 एकड़ जमीन दी। अब 100 करोड़ रुपए की लागत से सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल बनवा रहे हैं। जीतू कहते हैं, ‘हमने नारायण सेवा संस्थान और बड़े अस्पतालों से सलाह ली है। अगले साल तक यह बनकर तैयार हो जाएगा। सदस्यता 5 रुपए रोज के हिसाब से होगी। आजीवन इलाज होगा। वे आज भी 40 लोगों के डायलिसिस के लिए मदद करते हैं। उनका पूरा वेतन इसी काम में जाता है।
आगे की स्लाइड्स में देखिए नेताजी की ऑफिस की फोटो...

Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
  • comment
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
  • comment
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
  • comment
X
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
Madhya pradesh mla vishwas sarang hi tech office
COMMENT
Astrology

Recommended

Click to listen..
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें