भोपाल. मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) में अफगानिस्तान और बांग्लादेशी छात्रों के बीच पिछले दिनों हुए खूनी संघर्ष के बाद से एनआरआई और विदेशी छात्रों में दहशत है। मैनिट प्रबंधन ने घटना के बाद अफगानी छात्रों का पहरा बढ़ा दिया है।
साथ ही अफगानी छात्रों की गतिविधियों को संदिग्ध बताकर इसकी रिपोर्ट मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) और इंडियन काउंसिल फॉर कल्चर रिलेशन (आईसीसीआर) को भेज दी है। इसके अलावा घटना की जांच प्रोक्टोरियल बोर्ड को सौंपने का निर्णय लिया गया है।
बुधवार को मामला सामने आने के बाद मैनिट के सुरक्षा गार्ड पूरे समय अफगानी छात्रों पर नजर रख रहे हैं। हॉस्टल में रहने से लेकर खाना खाने और क्लास अटैंड करने तक सात-आठ सुरक्षा गार्ड इनके साथ रहते हैं।
विवाद को बढ़ने से रोकने के लिए अफगानी छात्रों को फिलहाल मैनिट के एनर्जी सेंटर में शिफ्ट किया गया है। अभी तक प्रबंधन ने इस मामले की शिकायत पुलिस में नहीं की है। इससे पहले मैनिट अफगानिस्तान और बांग्लादेश की एम्बेसी को भी इस घटना की जानकारी भेज चुका है।
जांच के बाद ही होगी आगे की कार्रवाई : डायरेक्टर
डायरेक्टर प्रो. अप्पू कुटटन ने बताया कि मामले की जांच प्रोक्टोरियल बोर्ड से कराने का निर्णय लिया है। सभी विभागों के एचओडी से इस बारे में चर्चा की जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि मैनिट में करीब 150 एनआरआई और विदेशी मूल के छात्र पढ़ रहे हैं। विदेशी मूल के छात्र चूंकि आईसीसीआर के माध्यम से यहां पढ़ने आए हैं इसीलिए इस घटना की जानकारी इस संस्थान को भी दी गई है।
मोबाइल पर छात्रों को दे रहे धमकी
बताया जाता है कि मारपीट के शिकार बांग्लादेशी छात्रों को अफगानी छात्रों की ओर से लगातार मोबाइल फोन पर धमकियां मिल रही हैं। पीड़ित छात्र रिफत ने इस घटना की सूचना फिलहाल अपने पेरेंट्स को देने से इंकार किया है। छात्र का कहना है कि अगर उसके पेरेंट्स को इस घटना की जानकारी मिली तो वे उसे वापस बांग्लादेश ले जाएंगे और उसका कॅरियर खत्म हो जाएगा।
रिफत बीटेक कंप्यूटर साइंस थर्ड ईयर का छात्र है। वहीं संस्थान के अन्य एनआरआई और विदेशी छात्रों में प्रबंधन द्वारा अभी तक आरोपी छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं करने को लेकर नाराजगी है।