(मरीन)
भोपाल. यूं तो यूथ के लिए कई तरह करियर ऑप्शंस हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे हैं जो हमेशा से स्पेशल रहे हैं और आगे भी रहेंगे। इन फील्ड्स में न सिर्फ बेहतर अवसर हैं, बल्कि पैसा और एडवेंचर भी है। इन्हीं जाॅब प्रोफाइल्स में से एक है मरीन इंडस्ट्री। मुश्किलों के साथ एडवेंचर और ट्रेवल वाला यह करियर यूथ के लिए यह एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है।
क्या है मरीन इंडस्ट्री
मरीन इंडस्ट्री में ज्यादातर काम ट्रांसपोर्टेशन का होता है। यह एक प्राइवेट फील्ड है। इसमें कई तरह के सामान पूरी दुनिया में समुद्र के रास्ते एक जगह से दूसरी जगह भेजे जाते हैं। इसके लिए शिप्स महीनों तक का सफर तय करते हैं। एक मर्चेंट शिप में 25 लोगों का स्टाफ होता है।
कैसे करें शुरूआत
इस फील्ड में ऑॅफिसर रैंक के लेवल से एंट्री करने के लिए फिजिक्स, कैमिस्ट्री और मैथ्स (पीसीएम) से 60 परसेंट मार्क्स के साथ कक्षा 12वीं पास करना आवश्यक है। इसके बाद मरीन इंजीनियरिंग या नॉटिकल टेक्नोलॉजी की स्टडी करके ऑॅफिसर रैंक पाई जा सकती है।
मुश्किलें और अट्रैक्शन
यह एक बेहद कठिन जॉब है। इसमें खराब मौसम से जूझने के साथ मुश्किल परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। इसके लिए कैंडिडेट्स को क्लाइमेट के हिसाब से ढालना जरूरी है। साथ ही लंबे समय तक घर से दूर भी रहना पड़ता है। अगर अट्रैक्शन की बात करें तो इसकी लिस्ट काफी लंबी है। इस जॉब के जरिए कैंडिडेट्स न सिर्फ दुनिया की सैर कर सकते हैं, बल्कि विभिन्न कला, संस्कृति और परंपराओं से रूबरू हो सकते हैं।
इस करियर में कैंडिडेट को एडवेंचर्स एक्टिविटी में पार्टिसिपेट करने और दुनिया घूमने का मौका मिलता है। शिप पर कई बार ऐसे नजारे देखने को मिलते हैं, जो सिर्फ सपनों में ही दिखाई देते हैं। कमांडर एनके भूरी (1 एमपी एनयू एनसीसी), भोपाल नेवल विंग कमांडर
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