भोपाल. मंत्रियों को नियमित करने, देश को स्वच्छ करने और गरीबों को बैंकों से जोड़ने के बाद प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी नए साल में फिर एक अभिनव प्रयोग करने जा रहे हैं। इस बार के प्रयोग में देशभर के वरिष्ठ अधिकारियों की मदद ली जाएगी। मोदी ने तय किया है कि अफसर अपने करीब के स्कूलों का चयन करें और उनमें पढ़ने वाले बच्चों को राष्ट्र निर्माण में भागीदार व जिम्मेदार बनाने के लिए मोटिवेट करें। इसके पीछे मंशा यह है कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं एक स्कूल का चयन करेंगे और वहां जाकर छात्रों से राष्ट्र निर्माण समेत विकास, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे तो नतीजे अच्छे सामने आएंगे।
साथ ही अधिकारियों के स्कूल विजिट से व्यवस्थाएं भी दुरुस्त होंगी। केंद्र सरकार यह अभियान पूरे देश में एक जनवरी से लागू करने की तैयारी कर रही है । सरकार का मानना है कि इस अभियान के लागू होने से छात्र भी अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लेते हुए उनका अनुसरण करने का प्रयास करेंगे और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे ।
केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि सरकार का यह कदम
शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री के संदेश से प्रेरित दिखता है। देश भर के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि वे सभी डॉक्टर्स, इंजीनियर, अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी जो छात्रों को पढ़ना चाहते हैं और अपने अनुभव उनके साथ बांटना चाहते है, वे अपने क्षेत्र के स्कूल चिन्हित कर वहां जा सकते हैं।
कार्मिक मंत्रालय ने इस विषय पर बकायदा आदेश जारी कर अधिकारियों से इसमें सहयोग करने को कहा है। आदेश के अनुसार अधिकारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को न केवल अपने अनुभवों से अवगत करवाएंगे बल्कि, कई राष्ट्रीय विषयों पर बात भी करेंगे। अभियान का नाम संपर्क, राष्ट्र निर्माण या गर्व हो सकता है। कार्मिक मंत्रालय ने इस अभियान के लिए कुछ ड्राफ्ट निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि उन अधिकारियों को ज्यादा महत्व दिया जाएगा, जिन्होंने विदेशों में काम या ट्रेनिंग की है।
14 दिसंबर को बच्चों से फिर रूबरू होंगे मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने स्टाइल में एक बार फिर स्कूली बच्चों से रूबरू होंगे। इस बार मौका ऊर्जा संरक्षण दिवस का होगा। 14 दिसंबर को पीएम बच्चों से मन की बात करेंगे। प्रधानमंत्री का इस बार का संबोधन थोड़ा अलग होगा। पिछली बार के मुकाबले उनके श्रोता इस बार काफी कम होंगे। मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बच्चों से मुखातिब होंगे। प्रधानमंत्री का संबोधन करीब एक घंटे का होगा। हालांकि उसका समय अभी फाइनल नहीं हुआ है। मोदी का यह कार्यक्रम केंद्रीय पावर मंत्रालय के कार्यक्रम बिल्डिंग एनर्जी अवेयरनेस ऑन कंजर्वेशन का हिस्सा है।
यह करेंगे अफसर?
अधिकारी सुबह 7 से 9 बजे के बीच मंगलवार और गुरुवार को एक घंटे का समय छात्रों के साथ बिताएंगे।
क्लिप्स, वीडियो, क्विज, कहानी के माध्यम से या कोई और तरीका अपनाकर भी छात्रों को समझाइश देंगे।
राष्ट्रवादी और गैर राजनीतिक मुद्दों पर कम से कम बीस मिनिट तक छात्रों के साथ बातचीत की जाएगी।