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डाउनलोड करेंमंडीदीप. नगर के प्रापर्टी डीलर के बेटे को अगवा करने वाले अपहरणकर्ता लक्ष्मण को पुलिस ने करीब सवा माह बाद बुधवार को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया है। उसका एक अन्य सहयोगी मोंटू उर्फ आनंद सिवनी जेल में बंद है। पुलिस अभी लक्ष्मण से पूछताछ कर रही है।
प्रॉपर्टी डीलर प्रेमशंकर मालवीय के बेटे अनुज को अगवा करने का कारण पैसों की जरुरत थी। यह खुलासा लक्ष्मण शिल्पकार ने पुलिस पूछताछ में किया है। लक्ष्मण ने पुलिस को बताया कि उसकी काफी रकम बाजार में फंसी हुई थी और उसे लेबर को पेमेंट करना था। इसके लिए उसने प्रेमशंकर से 70 हजार रुपए उधार मांगे थे, लेकिन उन्होंने उधार देने से मना कर दिया था। लक्ष्मण ने काफी मिन्नतें की, लेकिन वे नहीं मानें। तब लक्ष्मण के दिमाग में मालवीय के बेटे का अपहरण करने की बात सूझी।
इस काम में उसने अपने सिवनी मालवा गांव सुरगी निवासी दोस्त मोंटू उर्फ आनंद की मदद ली। अनुज को अगवा करने के बाद लक्ष्मण उसे लेकर चिकलोद के जंगल पहुंचा। जहां आनंद उसका इंतजार कर रहा था। यहां लक्ष्मण, अनुज को आनंद को सौंपकर फिरौती की रकम लेने इटारसी चला गया। जहां वह अनुज के परिजनों के साथ पुलिस को दो दिन तक गुमराह करता रहा।
बिना फिरौती लिए क्यों छोड़ा
इस बारे में लक्ष्मण ने पुलिस को बताया कि आनंद अनुज को लेकर चिकलौद के जंगल में था। जब मेरा उससे दो दिनों तक संपर्क नहीं हुआ तो आनंद को लगा कि पुलिस ने मुझे पकड़ लिया और इसी भय के कारण अनुज को उसने छोड़ दिया।
कहां से मिला आरोपी
घटना के बाद से ही पुलिस लक्ष्मण की तलाश में जुटी थी। मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी कि लक्ष्मण उज्जैन में इंदौर रोड पर किसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता है और वहीं रहता है। इस पर एसपी केबी शर्मा के निर्देशन में पुलिस का एक दल मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंचा। तब लक्ष्मण यहां काम करने के बाद शाम लगभग सात बजे अपने कमरे में आराम कर रहा था। तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
कौन है लक्ष्मण
लक्ष्मण शिल्पकार नगर के वार्ड 9 राम नगर में रहता है। मूलरूप से लक्ष्मण सिवनी मालवा के जमानी गांव का रहने वाला है। वह यहां सिविल वर्क के ठेके लेता था। इससे पहले वह कंपाउंडर एवं इलेक्ट्रीशियन का काम करता था। गौरतलब हो कि नगर के प्रॉपर्टी डीलर का काम करने वाले इंदिरा नगर निवासी मुन्ना उर्फ प्रेमशंकर मालवीय के नौ साल के बेटे अनुज का बीते माह 14 दिसंबर को अपहरण कर लिया गया था। जिसे मुक्त कराने के एवज में आरोपियों ने प्रेमशंकर मालवीय से 10 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी, लेकिन अपहरणकर्ता ने उसे बिना फिरौती की रकम लिए सकुशल छोड़ दिया था।
लक्ष्मण के दोस्त ने गुनाह कुबूल लिया है
इस मामले में लक्ष्मण को गिरफ्तार किया है। उसका साथी आनंद फिलहाल जेल में है। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।
नरेंद्र राठौर, टीआई थाना मंडीदीप
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