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पब्लिक ट्रांसपोर्ट: दावे के बाद भी माय कैब में महिला ड्राइवर नहीं

7 वर्ष पहले
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भोपाल. शहर की टैक्सी सेवा माय कैब का संचालन करने वाली भोपाल सिटी लिंक लि.(बीसीएलएल) ने दावा किया था कि महिला यात्रियों की डिमांड पर कैब में महिला ड्राइवर उपलब्ध कराई जाएगी। दो माह बीत गए, लेकिन बीसीएलएल ने एक भी महिला ड्राइवर की नियुक्ति नहीं की है।
हाल ही में केरल सरकार ने महिलाओं के लिए शी टैक्सी सर्विस की शुरुआत की है। इनमें ड्राइवर व पैसेंजर महिलाएं ही होंगी। भोपाल में भी महिलाएं सुरक्षित पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जरूरत महसूस कर रही हैं, लेकिन बीसीएलएल के अधिकारी माय कैब के लिए प्रोफेशनल महिला ड्राइवर न मिलने का बहाना बना रहे हैं।
10 महिला ड्राइवरों की होनी थी नियुक्ति

बीसीएलएल ने माय कैब के लिए 10 महिला ड्राइवरों की नियुक्ति की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कंपनी के कॉल सेंटर पर महिलाओं द्वारा महिला ड्राइवर की मांग करने पर जवाब मिलता है कि माय कैब पूरी तरह सुरक्षित है और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कंपनी की है। बीसीएलएल के अधिकारियों का कहना है कि नियमानुसार टैक्सी चलाने के लिए ड्राइवर के पास कमर्शियल लाइसेंस होना चाहिए। लेकिन माय कैब के लिए जिन्होंने आवेदन आए, उनके पास कमर्शियल लाइसेंस ही नहीं है।
“लो फ्लोर बसें भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं ’’

मैं हर रोज बस में सफर करती हूं। कैमरे लगे होने के बावजूद छेड़छाड़ होती है। कई बार महिला आरक्षित सीट पर पुरुष जबरदस्ती बैठ जाते हैं। कुछ कहो तो झगड़ा बढ़ता है। कंडक्टर भी मदद नहीं करते।’’
नंदिनी राजौरिया, छात्रा, एमसीयू
महिला लो फ्लोर बसों का संचालन भी बंद
बीसीएलएल ने नवंबर 2011 में महिला लो फ्लोर बसों का संचालन शुरू किया था, लेकिन कुछ ही समय बाद पर्याप्त महिला सवारी न मिलने की वजह बताकर इन बसों को बंद कर दिया गया। बीसीएलएल के अधिकारियों का कहना है कि उनके द्वारा संचालित 220 बसों में महिलाएं सुरक्षित तरीके से यात्रा कर रही हैं। उनकी सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
बसों में महिलाओं के लिए आगे की 16 सीटें आरक्षित की हैं। जबकि इन बातों की हकीकत इनमें सवारी करने वाली महिलाओं ने बताई कि , सीसीटीवी कैमरे लगाने से क्या होता है बस में छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार हर रोज होता है। कंडक्टर से शिकायत करो तो वे यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि हम क्या करें।
मापदंडों पर खरी नहीं उतरीं
यह सही है कि माय कैब के लिए महिला ड्राइवर नियुक्त करने की घोषणा की गई थी, लेकिन आवेदक महिलाओं के पास कमर्शियल लाइसेंस नहीं था। वे मापदंडों पर खरी नहीं उतरी। जहां तक महिला लो फ्लोर बसों को बंद करने का सवाल है तो महिला यात्रियों की संख्या कम होने से कंपनी को घाटा हो रहा था, इसलिए उन्हें बंद करना पड़ा।
देवेंद्र तिवारी, एडिशनल सीईओ, बीसीएलएल