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व्यापमं परीक्षाओं की गड़बड़ी में राजभवन का नाम दूसरी बार, आई संदेह के दायरे में

6 वर्ष पहले
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भोपाल. व्यापमं की विभिन्न परीक्षाओं में गलत तरीके से उम्मीदवारों को पास कराने के मामले में राजभवन की भूमिका दूसरी बार संदेह के दायरे में आई है। संविदा शिक्षक वर्ग-3 की भर्ती परीक्षा में राज्यपाल रामनरेश यादव के बेटे शैलेष यादव पर पैसे लेकर 10 उम्मीदवारों को पास कराने का खुलासा सोमवार को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा पेश पूरक चालान में हुआ है।
इसके पहले राज्यपाल के ओएसडी रहे धनराज यादव पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे। शैलेष यादव पर आरोप है कि उन्होंने व्यापमं के तत्कालीन अधिकारियों को 10 उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए थे। एसटीएफ के सूत्रों ने फिलहाल इस मामले में सिर्फ इतना ही कहा कि शैलेष अभी आरोपी नहीं हैं, लेकिन उनसे भविष्य में इस मामले में पूछताछ की संभावनाओं से इनकार भी नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि शैलेष राजभवन में कुछ चुनिंदा लोगों के ही संपर्क में रहते थे। वे ज्यादातर समय बाहर रहते थे। राज्यपाल रामनरेश यादव सोमवार को ही गवर्नर कांफ्रेंस के लिए दिल्ली रवाना हो गए थे। यह कांफ्रेंस बुधवार से शुरू हो रही है। मंगलवार को यादव ने बेटे शैलेष को आरोपी बनाए जाने के संबंध में राजभवन के अधिकारियों से जानकारी ली।
शैलेष ने बात नहीं की
दैनिक भास्कर ने इस मामले में शैलेष का पक्ष जानने के लिए उनसे दूरभाष पर संपर्क किया। पहले ही फोन कॉल को शैलेष ने रिसीव किया। जब संवाददाता ने अपना परिचय दिया तो शैलेष ने तत्काल फोन काट दिया। इसके बाद उन्होंने फोन नहीं उठाया।
पहले धनराज, अब शैलेष
राज्यपाल के ओएसडी रहे धनराज यादव आरक्षक भर्ती परीक्षा, सब इंस्पेक्टर और संविदा शाला शिक्षक वर्ग-2 और वर्ग-3 आदि में गड़बड़ी के आरोपी हैं। उन पर राजभवन के लैंडलाइन फोन से पंकज त्रिवेदी को फोन करने व बातचीत कर नंबर बढ़वाने के आरोप भी लगे। यादव फिलहाल जेल में हैं।