भोपाल. भेल के नटराज सिनेमा हॉल में आजकल रावण के पुतले तैयार हो रहे हैं। 10 से 50 फीट हाइट तक के इन पुतलों को बनाने का काम करीब 90 फीसदी पूरा हो चुका है। दशहरे के दो दिन पहले इन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
इनकी कीमत पिछले साल की अपेक्षा 15 से 20 फीसदी बढ़ गई है। इस बार कागज का उपयोग ज्यादा कर इन्हें सुंदरता प्रदान की जा रही है। कीमत 20, 23 हजार से 60 हजार तक है। यहां बन रहे इन पुतलों का दहन दशहरे के दिन राजधानी के विभिन्न दशहरा मैदानों में किया जाएगा।
पुतले बना रहे ओम प्रकाश साहू के अनुसार उनके खानदान में रावण के पुतले बनाने का काम नवाबी शासनकाल से चला आ रहा है। जबकि नटराज सिनेमा हाॅल में करीब 25 साल से यह काम चल रहा है। वर्ष 2010 तक पुतले की ऊंचाई बढ़ाने की हर साल डिमांड आती थी। वर्ष 2000 से पहले 30 से 35 फीट ऊंचाई तक के पुतले बनते थे। यह ऊंचाई बढ़ते-बढ़ते 55 फीट तक रुक गई, लेकिन इस साल 10 फीट से लेकर 50 फीट तक की डिमांड ज्यादा है।
अब घटना ही है ऊंचाई
ओम के अनुसार जैसे-जैसे रावण के पुतलों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऊंचाई कम हो रही है। दो साल पहले उन्होंने 55 फीट ऊंचाई रखी थी। इसके बाद उम्मीद थी कि यह ऊंचाई 60 या 65 फीट तक पहुंचेगी। बढ़ने की जगह ऊंचाई कम होने लगी और संभावना है कि 50 फीट से भी कम ऊंचाई की डिमांड आएगी, क्योंकि इस साल 10 फीट ऊंचाई के पुतलों की भी डिमांड आई है। उनके अनुसार पूरा परिवार दशहरा पर्व और आतिशबाजी का काम करता है। ओमप्रकाश के पिता नन्नू लाल साहू आतिशबाजी का काम करते हैं। देशभर में आतिशबाजी का प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं।