भोपाल. शारदीय नवरात्र पर्व 25 सितंबर से शुरू होगा। नवरात्र में इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी में होगा, जबकि पर्व के समापन पर वे हाथी पर सवार होकर विदा होंगी। पंडितों के अनुसार देवी भागवत पुराण में उल्लेख है कि यदि नवरात्र के पहले दिन गुरुवार हो तो माता का आगमन पालकी में होता है और समापन दिवस शुक्रवार काे हो तो माता हाथी पर सवार होकर वापस जाती हैं।
नवरात्र का शुभारंभ 25 सितंबर को और समापन दो अक्टूबर गुरुवार को होगा। पं. धर्मेंद्र शास्त्री के अनुसार इस बार नवमी तिथि का क्षय होने से पर्व आठ दिन का होगा। दो अक्टूबर को ही अष्टमी व नवमी मनाई जाएगी। इस दिन देवी महागौरी व सिद्धिदात्री की पूजा एक साथ होगी। प्रतिमाओं का विसर्जन और विजया दशमी पर्व शुक्रवार तीन अक्टूबर को होेगा।
इस तरह मां हाथी पर सवार होकर विदा होंगी। पं. शास्त्री ने बताया कि पहले दिन गुरुवार को हस्त नक्षत्र शाम 7.40 बजे तक रहेगा। इस नक्षत्र के साथ ही घट स्थापना कर लेनी चाहिए। इस दिन घट स्थापना सुबह 6.14 से 7.30 बजे, सुबह 10.30 से दोपहर 3.00 बजे तक और शाम को 4.30 से 6.00 बजे तक करना शुभ रहेगा।
इस बार यह खास
8 दिन के होंगे नवरात्र
1 ही दिन अष्टमी व नवमी
3 अक्टूबर को नवमी तिथि युक्त दशहरा
घट स्थापना मुहूर्त सुबह 6.14 से शाम 7.40 बजे तक