भोपाल. इंटरनेशनल लेवल पर इंडिया को रिप्रेजेंट करना हर इंडियन का सपना होता है। ऐसा ही सपना सच हुआ है एनसीसी के दो कैडेट्स का। योगेंद्र सिंह राजपूत और आयुषि का सिलेक्शन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के लिए हुआ है। ये कैडेट्स सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए श्रीलंका और तुर्कमेनिस्तान जाएंगे।
क्या है यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम
नई दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाली परेड पर होने वाले एनसीसी कैंप में देशभर के बेस्ट कैडेट्स यूथ एक्सचेंज कॉम्पिटीशन में पार्टिसिपेट करते हैं। इसमें जनरल अवेयरनेस, कम्युनिकेशन, ड्रिल, ग्रुप डिस्कशन और एनसीसी जनरल के पर्सनल इंटरव्यू के बाद 100 कैडेट्स का चयन होता है। इस प्रोग्राम के तहत कैडेट्स दूसरे देशों की यात्रा कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान करते हैं। वहीं, दूसरे देशों के कैडेट्स भारत आते हैं। पहला यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम साल 1951 में हुआ था।
अपने देश को रिप्रेजेंट करना गौरव की बात
इंस्टीट्यूट फॉर एक्सीलेंस इन हायर एजुकेशन (आईईएचई) में बीए इकोनॉमिक्स ऑनर्स के सेकंड ईयर स्टूडेंट और एनसीसी एयर विंग के कैडेट योगेंद्र सिंह राजपूत 25 सितंबर से 05 अक्टूबर तक तुर्कमेनिस्तान में होंगे। योगेंद्र ने बताया, ‘अपने देश को रिप्रेजेंट करना खुशी की बात है। मैंने तुर्कमेनिस्तान के बारे में रिसर्च करना शुरू कर दिया है।
इंडिया को रिप्रेजेंट करने के लिए पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन भी तैयार किया है। देश का तिरंगा मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ाएगा। इससे पहले मैंने बेंगलुरू में वायु सैनिक कैंप में स्किट शूटिंग में सिल्वर मैडल जीता है। इसके अलावा रिपब्लिक डे कैंप (आरडीसी) में पार्टिसिपेट किया है। मैंने वहां कल्चरल और बेस्ट कैडेट कॉम्पिटीशन में पार्टिसिपेट किया था।
मेरे सपनों को लगे पंख
एमएलबी कॉलेज में बीएससी फाइनल ईयर की स्टूडेंट और 4 एमपी गर्ल्स बटालियन की कैडेट आयुषि सिंह श्रीलंका में यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत इंडिया को रिप्रेजेंट करेंगी। वे श्रीलंका की लैंग्वेज और कल्चर पर स्टडी कर रही हैं। आयुषी ने कहा, ‘बचपन में जब मैंने रामायण पढ़ी, तब से इच्छा थी कि श्रीलंका जाऊं। मेरे इस सपने को पंख लग गए हैं। मैं अब रावण की नगरी को देख सकूंगी। मैंने दिल्ली आरडीसी कैंप में गार्ड ऑफ ऑनर में पार्टिसिपेट किया है। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह से मिलने का मौका मिला। मैं अपनी मम्मी को रोल मॉडल मानती हूं।'
कैडेट्स में नई सोच डेवलप होती है
इस मंच से कैडेट्स में नई सोच डेवलप होती है। वे अन्य देशों की संस्कृति से रूबरू होते हैं। भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिप्रेजेंट करना किसी भी कैडेट्स के लिए सबसे बड़ा मौका है।
लेफ्टिनेंट कर्नल एके साहा, ट्रेनिंग ऑफिसर, एनसीसी
एनसीसी यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम में शामिल देश श्रीलंका, तुर्कमेनिस्तान, नेपाल, रूस, बांग्लादेश, श्रीलंका, सिंगापुर, वियतनाम, कजाकिस्तान, मालदीव, भूटान और मसकट।
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