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एनएचडीसी के अफसरों के यहां छापे, सीनियर मैनेजर सहित कई लोगों पर केस दर्ज

7 वर्ष पहले
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भोपाल. एनएचडीसी में हुए 66.90 लाख के टेंडर घोटाले में सीबीआई ने गुरुवार को इंदिरा सागर पावर स्टेशन के सीनियर मैनेजर, मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर और कॉन्ट्रेक्टर के इंदौर, खंडवा और फरीदाबाद स्थित घरों व दफ्तर पर छापे मारे। सीबीआई की टीम सीनियर मैनेजर एसएल श्रीवास्तव के इंदौर स्थित घर और नर्मदानगर, पुनासा स्थित ऑफिस, मैनेजर उमाकांत के फरीदाबाद स्थित घर एवं और असिस्टेंट मैनेजर टिम्भारे के पिथौरागढ़, उत्तराखंड स्थित घर पर छापे मारे। यहां से दस्तावेज जब्त किए गए हैं। जब यह टेंडर घोटाला हुआ था, उस समय उमाकांत और टिम्भारे इंदिरा सागर पावर स्टेशन नर्मदानगर में पदस्थ थे।
श्रीवास्तव के लॉकर में मिला 30 तोला सोना
सीबीआई की टीम ने एसएल श्रीवास्तव के भारतीय स्टेट बैंक का एक लॉकर खोला। इसमें करीब 30 तोला सोने के जेवर मिले हैं। इसके अलावा आठ बैंक खातों की पासबुक भी जब्त की गई है। श्रीवास्तव के घर से प्रॉपर्टी से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। जिसमें उनके इंदौर में एक प्लॉट, एक मकान और उज्जैन में एक प्लॉट व एक मकान की जानकारी मिली हैं।
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लेकर लिया था ठेका
सीबीआई के मुताबिक एनएचडीसी के इंदिरा सागर पावर स्टेशन, नर्मदा नगर (खंडवा) में दो साल पहले 66.90 लाख का टेंडर जारी हुआ था। यह टेंडर नागपुर की फर्म साकरे ग्रुप-3 ने लिया था। कांट्रेक्टर राजेंद्र साकरे ने खुद को साकरे ग्रुप से जुड़ा होना बताकर असिस्टेंट कमिश्नर ट्राइबल का अनुभव प्रमाण पत्र एनएचडीसी में लगाया था।
यह प्रमाण पत्र जांच में फर्जी निकला। कांट्रेक्टर का नागपुर का पता भी फर्जी निकला। इस गड़बड़ी में सीबीआई ने एनएचडीसी के सीनियर मैनेजर एसएन श्रीवास्तव, मैनेजर उमाकांत राय, असिस्टेंट मैनेजर एके टिम्भारे और साकरे ग्रुप-3 के कांट्रेक्टर राजेंद्र साकरे के खिलाफ षडयंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत पिछले महीने एफआईआर दर्ज की थी।