पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Now The Challenge Is To Live Up To Promises

अब वादों को निभाने की चुनौती

6 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल. नगरीय निकाय के चुनाव में प्रत्याशियों ने जी तोड़ मेहनत की, जिसमें छह में से पांच पार्षद भाजपा के चुने गए। जनता ने सत्तारूढ़ दल के पार्षदों को इसीलिए चुना है कि वह विकास में ज्यादा से ज्यादा भागीदारी निभा सकेंगे। इस दौरान प्रत्याशियों ने संतनगरवासियों से जो वादे किए हैं अब उन्हें निभाने की जिम्मेदारी भी उनकी ही है। यानी जनता को अब नवनिर्वाचित पार्षदों से अच्छे और तेज विकास की उम्मीद है। पार्टी ने चुनाव में जो घोषणा पत्र जारी किया था, जिसमें संतनगर और गांधीनगर के विकास के लिए आधा दर्जन से अधिक वादे शामिल हैंे। आइए देखते हैं कि चुनावी समर में नेताओं ने जनता से क्या किए थे वादे।

ये किए थे वादे...
नेताओं ने कहा था कि हमारे नुमाइंदे चुनकर आए तो लालघाटी-संत हिरदाराम नगर मार्ग पर बने मैरिज गार्डनों के लिए बारात पथ बनाए जाएंगे, जिससे बारातें निकलते समय होने वाली यातायात की समस्याओं से निजात मिलेगी। संतनगर में स्टेडियम बनाया जाएगा, बस स्टैंड से लेकर गुलाब उद्यान सीहोर नाके तक आदर्श मार्ग का निर्माण करेंगे। भवानी मार्ग पर भेजी गई संत कंवरराम सब्जी मंडी की समस्याएं खत्म की जाएंगी। बोट क्लब का निर्माण किया जाएगा। गांधीनगर में व्यवस्थित बस स्टैंड, हाट बाजार बनाया जाएगा। हालांकि बीजेपी के संत हिरदाराम नगर के लिए वादों को देखें तो बारात पथ की घोषणा सवाल पैदा करने वाली है, क्योंकि मैरिज गार्डनों को मामला उलझा हुआ है। बस स्टैंड से गुलाब उद्यान तक आदर्श मार्ग का वादा भी पहले से पूरा है, क्योंकि बस स्टैंड से गुलाब उद्यान सीहोर नाके तक बीआरटी कॉरिडोर है। इसका और क्या विकास किया जाएगा यह समझना होगा। शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का खेल मैदान उपनगर में स्टेडियम की तरह है, इसका विकास बीजेपी के स्टेडियम बनाने के वादे को पूरा कर देगा। इससे खेल प्रेमियों को लाभ मिलेगा।

चुनौती तो यह होंगी
संत हिरदाराम नगर की बड़ी समस्या गंदगी की है, जोन का प्लॉनिंग का मामला भी कागजों से बाहर नहीं निकल पाया है। समय सीमा में मल्टीलेवल पार्किंग का निर्माण, गुलाब उद्यान को ऐसा बनाना कि राजधानी से लोग इसे देखने आएं। सीहोर नाके पर बने पार्क में रौनक लाने के प्रयास करने होंगे।

तय की प्राथमिकताएं
वैसे तो नगर निगम की ड्यूटी लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना होती है। पानी, सड़क, बिजली, साफ-सफाई जैसी सुविधाओं की अपेक्षा पार्षद से होती है। नए चुनकर आए पार्षदों ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं, बहुत हद तक इन्हीं जरूरतों को पूरा करने की बात वह कह रहे हैं। देखते हैं क्या प्राथमिकताएं तय की हैं उन्होंने।