भोपाल. संत हिरदाराम नगर जोन एक के सभी 6 वार्ड में हुए पुन: आरक्षण में सामान्य वर्ग के दावोदारों की लाटरी खुल गई। अब यहां 6 में से 5 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित हो गए हैं। इसके साथ ही अब उपनगर के अनेक दावेदारों को भी आने वाले नगर निगम चुनाव में पार्षद के लिए अपनी उमीदवारी जताने का अवसर मिल जाएगा।
संतनगर में करीब एक दर्जन ऐसे दावेदार हैं जो आरक्षण को लेकर काफी उत्साहित थे। इन दावेदारों को उम्मीद है कि इस बार पार्टियां इन्हें टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारेंगी। खासकर सिंधी समाज के लोगों को इस बार अधिक उम्मीद नजर आ रही है।
10 दिसंबर को नगर निगम भोपाल चुनाव को लेकर हुए पुन: आरक्षण में संतनगर के सामान्य वार्ड वालों की किस्मत खुल गई। जोन एक में आने वाले सभी छ: वार्डों में से 5 वार्ड सामान्य वर्ग के पुरुष, महिलाओं के आरक्षित हुए तो एक वार्ड पिछड़ा वर्ग के हिस्से में गया। पहली बार इतने बड़े स्तर पर सामान्य वर्ग को प्रतिनिधित्व करने के अवसर को लेकर उपनगर में खुशी की लहर है। क्योंकि वर्षों से यह वर्ग अपने को उपेक्षित महसूस करता आ रहा है। वार्डों का आरक्षण होने के बाद अब पूरा दारोमदार दोनों प्रमुख पार्टियों कांग्रेस और भाजपा के ऊपर है। क्योंकि उपनगर में दोनों पार्टियों की ओर से दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है। अब इन दावेदारों की किस्मत पार्टियों के भरोसे है। वहीं दूसरी तरफ अब दावेदार उम्मीदवार भी सक्रिय होकर उठापटक करने लगे हैं।
जोन एक के सभी 6 वार्ड सिंधी बाहुल्य वार्ड हैं। इन वार्डों में करीब 40 हजार सिंधी समाज के वोटर हैं। यह समाज सामान्य वर्ग में आता है। यही कारण है कि इस बार के वार्ड आरक्षण में सामान्य वर्ग के लिए जो 5 वार्ड आरक्षित हुए हैं उसमें इसी समाज को अधिक फायदा होने की उम्मीद है और दावेदारी भी इस समाज से ज्यादा हो रही है। खासकर वार्ड 4 और 5 में तो सबसे अधिक सिंधी समाज के वोटर हैं, जहां लगभग 12-12 हजार वोटर सिंधियों के हैं। इन दो वार्डों में तो सिंधी समाज की दावेदारी पक्की मानी जा रही है। वहीं दूसरी तरफ वार्ड एक दो और तीन में तीन-तीन हजार सिंधी वोटर हैं, तो वार्ड 6 में 4 हजार सिंधी वोटर हैं। यही कारण है कि इस बार सिंधी समाज के लोगों की दावेदारी सभी वार्डों से है। देखना यह दिलचस्प होगा कि कौन सी पार्टी व किस वर्ग और किसे प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारती है।
नए आरक्षण से बदले समीकरण
दरअसल करीब दो महीने पहले हुए आरक्षण में जोन एक के सभी वार्डों में 5 वार्ड पिछड़ा वर्ग के और एक वार्ड सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित था। नए आरक्षण से यह स्थिति बिल्कुल पलट गई है। इसी के चलते वोट का समीकरण भी बदल गया है। वार्ड एक से महिला सामान्य, वार्ड दो से पिछड़ा पुरुष, वार्ड 3 से सामान्य पुरुष और वार्ड 4,5,6 से सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो गया है। इसके चलते दावेदार अपनी पत्नियों को चुनाव लड़ाने में लग गए हैं। इसके पहले चुनाव में वार्ड एक महिला सामान्य, वार्ड दो से सामान्य पुरुष, वार्ड तीन से सामान्य महिला और वार्ड चार से महिला अनुसूचित जनजाति थी। अब नए परिसीमन के बाद जोन एक में चार वार्डों की जगह 6 वार्ड शामिल हो गए हैं, जो संत हिरदाराम नगर के क्षेत्र में आते हैं।