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विरोध शुरू, लोग बोले- नहीं भरेंगे लीज रिन्यू की फीस

7 वर्ष पहले
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भोपाल. अरेरा कॉलोनी, साकेत नगर समेत करीब 20 कॉलोनियों में प्लॉट व मकान की लीज रिन्यू करने की फीस बढ़ाने का विरोध शुरू हो गया है। लोगों ने भारतीय स्टाम्प अधिनियम में संशोधन कर इस प्रावधान को हटाने की मांग की है। उधर, बीडीए समेत अन्य संस्थाओं में पिछले 15 दिनों से लीज रिन्यू का काम बंद है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद से यह स्थिति बनी हुई है।
सरकार ने 16 सितंबर को स्टाम्प अधिनियम में लीज वाली प्रॉपर्टी को रिन्यू कराने के लिए मौजूदा बाजार कीमत की पांच फीसदी तक राशि बतौर स्टाम्प फीस जोड़ दी है। इससे लोगों को 6-6 लाख रुपए तक फीस देना पड़ रही है, जबकि इसी काम के लिए अभी तक सरकार 150 से 200 रुपए लेती थी।
लोगों का कहना है कि जब एक बार प्रॉपर्टी खरीदने के वक्त फीस चुका दी गई है, तो फिर इसे दोबारा क्यों भरा जाए? उनके मुताबिक सरकार को लीज रिन्यू कराने की बजाए प्रॉपर्टी को फ्री होल्ड करने का विकल्प देना चाहिए था।
30 साल पुराने मकान के लिए 3.60 लाख शुल्क

साकेत नगर निवासी करनैल सिंह बताते हैं कि उन्होंने 30 साल पहले यहां 2400 वर्गफीट का मकान खरीदा था। तब इसकी रजिस्ट्री फीस के रूप में 1800 रुपए चुकाए थे। अब बीडीए के पास लीज रिन्युवल के लिए गए तो अफसरों ने नया नियम बताते हुए 3.60 लाख रुपए की फीस मांग ली।
फिर से क्यों दें फीस
30 साल पहले हमने प्लॉट खरीदा तब प्रॉपर्टी सस्ती थी। उसी हिसाब से रजिस्ट्री भी हुई थी। अब हम आज के रेट से दोबारा यह फीस क्यों भरें? अब हम कहां से यह राशि लाएं?''
श्याम सुंदर, अध्यक्ष
भेल कर्मचारी गृह निर्माण समिति
हम इस कानून का विरोध करेंगे। कानून में इस जनविरोधी प्रावधान को सरकार जल्द से जल्द हटाए।''
टीआर मिश्रा, सदस्य, भेल संगम गृह निर्माण समिति