भोपाल. दवाओं के निर्माण के साथ मप्र मेडिकल डिवाइसेस बनाने वाला देश का पहला राज्य बनने जा रहा है। केंद्रीय उर्वरक, रसायन एवं फार्मास्युटिकल मंत्री अनंत कुमार ने स्वास्थ के क्षेत्र में बड़ी पहल करते हुए रविवार को भोपाल में ‘फार्मा पार्क’ स्थापित करने की घोषणा की। अभी बहुत से मेडिकल डिवाइस ऐसे हैं, जिन्हें अमेरिका, जर्मनी या इंग्लैंड से लाना पड़ता है। अनंत ने इसके साथ ही दवाओं पर रिसर्च के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (नाइपर) की सौगात भी मप्र को दी। साथ ही नाइपर के लिए 200 करोड़ रुपए का प्रावधान भी कर दिया।
अनंत कुमार भोपाल में 6वीं अंतरराष्ट्रीय ईको कोर्स एंड वर्कशॉप का उदघाटन करने आए थे। शाम को उन्होंने भाजपा के एक कार्यक्रम में कहा कि देश के चार राज्यों के साथ मप्र भी अब पेट्रोलियम उत्पादों का डेस्टिनेशन बनेगा। रिफाइनरी खुलेंगी, कैमिकल्स का निर्माण होगा।
अनंत कुमार ने मप्र में पेट्रोलियम, कैमिकल्स एंड पैट्रोकैमिकल्स इनवेस्टमेंट रीजन (पीसीपीआईआर) बनाने की घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान से इन बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर प्रारंभिक चर्चा भी कर ली। आगामी 20 सितंबर को पीसीपीआईआर के लिए दिल्ली में बैठक होगी, जिसमें मुख्यमंत्री के साथ अनंत कुमार, धर्मेंद्र प्रधान और पीयूष गोयल से बातचीत करेंगे। यह पीसीपीआईआर की दिशा में पहला कदम होगा।
पीसीपीआईआर इस समय गुजरात के दाहेज, तमिलनाडु के नागपत्तिनम, आंध्रप्रदेश के ककिनंदा तथा ओडिशा के पारादीप में मंजूर हुई है। मप्र पांचवां राज्य होगा। नाइपर के बारे में अनंत कुमार ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे जल्द जमीन चिन्हित कर लें और प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर दें। अभी देश में सात जगहों पर नाइपर खुले हैं।
मप्र तेजी से काम करे, ताकि देश का पहला फार्मा पार्क यहां बने
मुंबई में फार्मा पार्क है, लेकिन काम शुरू नहीं हो पाया। अनंत कुमार ने मप्र सरकार से कहा कि वह इतनी तेजी से काम करे कि मुंबई पीछे छूट जाए और भोपाल देश का पहला फार्मा पार्क बन जाए।
दो लाख करोड़ के निवेश की संभावना
पीसीपीआईआर बनने के बाद प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के रास्ते खुलेंगे। पेट्रो कैमिकल्स इंडस्ट्री कॉरीडोर बनेगा। इस कॉरीडोर में उर्वरक, पैट्रो कैमिकल्स तथा फार्मा इंडस्ट्री आएंगी।
मप्र को 2.20 लाख टन यूरिया जल्द चाहिए
केंद्रीय उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने मप्र को एक लाख टन यूरिया अतिरिक्त देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि रबी की फसल के लिए मप्र अग्रिम उठाव कर सकता है। अनंत कुमार को बताया कि सितंबर में वर्षा से यूरिया की मांग बढ़ गई है। मुख्ममंत्री ने अनंत कुमार को पत्र भी सौंपा कि मप्र को 2.20 लाख टन यूरिया की तत्काल जरूरत है।
यह घोषणाएं भी
नगर निगमों में ठोस कचरे से खाद बनाने वाला प्लांट लगेगा। देश के 500 शहरों में मप्र के नगर निगम शामिल होंगे। इसके पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत भी मप्र से होगी।
मुख्यमंत्री ने बीना से गुजर रही गैस पाइप लाइन को सागर, जबलपुर, रीवा और सिंगरौली तक तथा विजयपुर वाली लाइन को ग्वालियर और मालनपुर तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही कहा कि गुजरात और उप्र की पाइप लाइन मप्र होकर गुजर रही हैं। उनका लाभ भी मप्र को मिले। अनंत ने इस बारे में बात करने का भरोसा दिलाया। एक फर्टीलाइजर प्लांट खोला जाएगा।