भोपाल. पीपुल्स सहित चार मेडिकल कॉलेजों के लिए चल रही काउंसलिंग में सोमवार को दूसरे दिन भी हंगामा हुआ। संचालक चिकित्सा शिक्षा (डीएमई) डॉ. एसएस कुशवाहा एक बार फिर छात्रों के निशाने पर थे।
कुशवाहा पर सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना का आरोप लगा। कुछ छात्रों ने उन्हें कानूनी नोटिस भी थमा दिया। विवाद के चलते काउंसलिंग स्थल पर पुलिस बुलाना पड़ी। दिनभर चली तनातनी के बीच दोपहर तक जनरल केटेगरी की सभी सीटें भर दी गईं।
रविवार को काउंसलिंग के पहले दिन डीएमई पर इन सीटों पर ऑल इंडिया कोटे के छात्रों को नियम विरुद्ध एडमिशन देने का आरोप लगा था। सोमवार को भी इसी बात पर विरोध हुआ। छात्रों का कहना था कि विभाग सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना कर रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने निदेशों में काउंसलिंग में सिर्फ स्टेट कोटे को छात्रों को शामिल करने को कहा था, लेकिन यहां आॅल इंडिया कोटे के छात्रों को भी सीटें आवंटित की जा रही हैं। इधर डीएमई का कहना है कि काउंसलिंग नियमों को आधार पर ही चल रही है।
काउंसलिंग निर्धारित समय से डेढ़ घंटे की देरी से सुबह 11.30 बजे शुरू हुई। इससे पहले चिकित्सा शिक्षा विभाग के अफसरों ने कानून के जानकारों से परामर्श किया। काउंसलिंग के दौरान कुछ छात्रों ने विभाग के अफसरों पर सीटें बेचने का आरोप लगाया।
इन कॉलेजों के लिए काउंसलिंग
गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 201 सीटों के लिए पांचवे राउंड की काउंसलिंग का आयोजन किया जा रहा है। इसमें पीपुल्स मेडिकल कॉलेज की 87, सिम्स की 50, आरडीगार्डी की 50, इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज की 10 और 4 अन्य सीटें शामिल हैं।
पुलिस घेरे में काउंसलिंग
रविवार को हुए हंगामे के बाद शासन ने सुबह से ही सोमवार को भारी पुलिसबल तैनात कर दिया था। इसके चलते सोमवार को काउंसलिंग छुटपुट हंगामे के बीच चलती रही। देर शाम तक आरडीगार्डी और सिम्स की सीटें भर चुकी थी।