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डाउनलोड करेंनई दिल्ली/भोपाल। प्रदेश में सत्ता विरोधी लहर से बचने के लिए भाजपा ने 60 से 80 विधायकों को साफ संकेत दे दिए हैं कि वे सितंबर तक अपने क्षेत्रों में स्थिति मजबूत कर लें वरना उनके टिकट काटे जा सकते हैं। पार्टी के अंदरूनी सर्वे में इन विधायकों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी फैक्टर प्रबल बताया जा रहा है, लेकिन प्रदेश नेतृत्व का मानना है कि किसका टिकट कटेगा और किसे मिलेगा यह सर्वे के आधार पर नहीं, बल्कि ग्राउंड रिपोर्ट के आधार पर तय होगा।
हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सर्वे रिपोर्ट के आधार पर विधायकों व मंत्रियों के साथ वन-टू-वन चर्चा करके उन्हें हिदायत दी थी कि वे अपना क्षेत्र सुधारें और सक्रियता बढ़ाएं। लेकिन प्रदेश की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाने वाले दो अहम नेताओं ने सर्वे रिपोर्ट को बेमानी बताया है। संघ की पृष्ठभूमि वाले एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि वे प्रदेश भर में भ्रमण करते हैं और उन्हें हर विधायक की जमीनी स्थिति का अंदाजा है, इसके लिए सर्वे की आवश्यकता नहीं।
प्रदेश संगठन के एक पदाधिकारी ने स्वीकारा की साढ़े नौ साल से सत्ता में होने की वजह से कुछ मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ एंटी-इनकंबेंसी लाजिमी है, लेकिन महज किसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नहीं कहा जा सकता की अमुक मंत्री या विधायक चुनाव हारेगा, इसलिए उसका टिकट काट दिया जाए। ऐसे में ग्राउंड रिपोर्ट आए बगैर किसी विधायक का टिकट काटने का निर्णय नहीं लिया जा सकता।
क्यों नहीं एजेंसियों की सर्वे रिपोर्ट पर भरोसा? : वरिष्ठ नेता का मानना है कि सत्ता में रहते कई मर्तबा सर्वे एजेंसियां खुद होकर संपर्क करती हैं। ऐसे में अक्सर अतिरिक्त जानकारी के लिए सर्वे करा लिए जाते हैं। मसलन, वर्ष 2009 में सर्वे रिपोर्ट में केंद्र में एनडीए की सरकार बना दी गई थी, जबकि चुनाव परिणाम ठीक उलट आए। वहीं सर्वे में एक विधानसभा क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा 50 से 100 लोगों की राय ली जाती है। ऐसे में करीब डेढ़ लाख मतदाताओं वाली एक विधानसभा सीट पर उम्मीदवार का चयन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नहीं किया जा सकता।
एंटी इनकंबेंसी का आकलन अभी से नहीं किया जा सकता
॥मप्र सितंबर तक चुनावी मोड में आएगा और अभी से इनकंबेंसी का आकलन नहीं किया जा सकता। वास्तविक इनकंबेंसी सितंबर तक जाकर स्थापित होगी। टिकट वितरण के समय सामूहिक रूप से तय होगा कि किसे उम्मीदवार बनाया जाए और किसे नहीं।
नरेंद्र सिंह तोमर, अध्यक्ष, मप्र भाजपा
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