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स्कूलों में प्रैक्टिकल लैब खोलेंगी प्राइवेट यूनिवर्सिटी, शुरू होगी स्कॉलरशिप योजना

6 वर्ष पहले
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भोपाल. प्रदेश की सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी 25-25 सरकारी स्कूलों में कक्षा दसवीं और बारहवीं के छात्रों के लिए साइंस की प्रैक्टिकल लैब शुरू करेंगी। प्रदेश की 15 प्राइवेट यूनिवर्सिटी स्कूली छात्रों को यह सुविधा पहली बार देने जा रही हैं। छात्रों को यह सुविधा आगामी शिक्षण सत्र से मिलेगी। लैब में सभी तरह के उपकरण प्राइवेट यूनिवर्सिटीज उपलब्ध कराएगी। छात्रों को प्रैक्टिकल कराने के लिए शिक्षक भी यूनिवर्सिटीज से ही आएंगे।
मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग ने इसका प्रस्ताव तैयार किया है। आयोग के चेयरमैन प्रो. अखिलेश पांडे के अनुसार यह व्यवस्था स्कूली छात्रों को थ्योरी के साथ ही प्रैक्टिकल नॉलेज देने के लिए की जा रही है। उनके मुताबिक ज्यादातर प्राइवेट यूनिवर्सिटी छोटे शहरों में हैं।
इन शहरों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित सरकारी स्कूलों में प्रयोगशालाओं की स्थिति काफी खराब है। छात्र केवल थ्योरी पढ़कर ही इंजीनियरिंग और हायर एजुकेशन में आ रहे हैं। प्रैक्टिकल नॉलेज नहीं होने से छात्रों का हुनर निखर नहीं पा रहा है। इसको देखते हुए प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को अपने-अपने क्षेत्र में आने वाले 25-25 सरकारी स्कूलों को गोद लेने के लिए कहा गया है।
हर प्राइवेट यूनिवर्सिटी में बनेगा एल्मनाय सेल, पूर्व छात्र जुड़ेंगे
आयोग ने प्रत्येक प्राइवेट यूनिवर्सिटी को एल्मनाय सेल बनाने को कहा है। इस सेल से यूनिवर्सिटी के ऐसे पूर्व छात्रों को जोड़ा जाएगा, जो कम से कम पांच-पांच छात्रों को गोद लेकर उनकी पढ़ाई में मदद कर सकें। छात्रों को यह मदद स्कॉलरशिप के माध्यम से दी जाएगी। आयोग के चेयरमैन के अनुसार यह स्कॉलरशिप आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को दी जाएगी। इससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। इस स्कॉलरशिप के लिए छात्रों का टेस्ट लिया जाएगा।
बेस्ट टीचर और स्टूडेंट को हर साल मिलेंगे पुरस्कार, अवार्ड
आयोग ने एक नई पहल करते हुए सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी के टीचर व स्टूडेंट के लिए 50 लाख रुपए तक के पुरस्कार और स्कॉलरशिप शुरू करने का निर्णय लिया है। यह स्कॉलरशिप राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा दी जाने वाली चांसलर स्कॉलरशिप की तर्ज पर दी जाएगी। प्रत्येक विषय के लिए आयोग बेस्ट टीचर और बेस्ट स्टूडेंट को हर साल अवार्ड व स्कॉलरशिप देगा।
इसके लिए आयोग प्रत्येक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से फंड जुटाएगा। आयोग के चेयरमैन पांडे के मुताबिक बैंक में इसके लिए अकाउंट खुलवाकर राशि जमा की जाएगी। इसके ब्याज से हर साल स्कॉलरशिप दी जाएगी। आयोग इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए सभी प्राइवेट यूनिवर्सिटी की बैठक बुलाएगा।