पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

मप्र नाट्य विद्यालय के स्टूडेंट्स ने दी मयूरभंज छाऊ की प्रस्तुति

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भोपाल. मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय में मंगलवार को स्टूडेंट्स ने मयूरभंज छाऊ की कक्षाभ्यास प्रस्तुति दी। ओडिशा के इस पारंपरिक नृत्य को स्टूडेंट्स ने लय-ताल और हैंड-मूवमेंट्स से खास बनाया। नृत्य में भाव-भंगिमाओं का कुशल प्रयोग देखने को मिला। साथ की कलाकारों ने प्रस्तुति के दौरान भाव पक्ष और कला पक्ष को बेहतर ढंग से पेश किया।
नाट्य विद्यालय के सत्र 2014-15 के स्टूडेंट्स की यह पहली प्रस्तुति रही। इसका निर्देशन सप्तरथी मोहंते ने किया। इस आकर्षक प्रस्तुति में कलाकारों ने सलामी, चाल, सादा, मूढ़ा, लहरा, ढ़ेऊ और डूबा को प्रस्तुत किया।
बिना मुखौटे के नृत्य की प्रस्तुति
इस नृत्य की खास बात यह है कि इस नृत्य में मुखौटों का प्रयोग नहीं किया जाता है। भाव-भंगिमाओं और हस्त मुद्राओं के प्रयोग से नृत्य को आकर्षक बनाया जाता है। इसमें कलाकार की वेशभूषा भी अहम मानी जाती है। मयूरभंज छाऊ का निर्देशन करने वाले सप्तरथी मोहन्ते वर्ष 1992 से रंगश्री लिटिल बैले ट्रुप से जुड़े हुए हैं।
इन्होंने दी प्रस्तुति
अंजलि, दुर्गेश सोनी, रोमी सेन, ज्योति अतरोलिया, राजु कुमार रंजन, आंचल तिवारी, करुणा सिंह, राहुल त्यागी, राकेश वरवड़े, प्रज्ञा मिश्रा, राज कपूर, कलीम जफर, शुभम पारीक, रवींद्र टांक वाल्मिकी, योगेश कुमार उपाध्याय, दीपिका राणा, रंजीत सराठे, मनीष डोगरा, प्रवीण नामदेव, लखनलाल अहिरवार, मोहम्मद शहंशाह, पुनीत तिवारी, सुष्मिता महतो और विशाखा कुलकर्णी ने नृत्य की प्रस्तुति दी।