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डाउनलोड करेंभोपाल. व्यापमं की पीएमटी-2012 में गड़बड़ी कर सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन ले चुके 120 स्टूडेंट्स के एडमिशन निरस्त किए जाएंगे। ऐसे 120 स्टूडेंट्स का खुलासा एसटीएफ की जांच रिपोर्ट में हुआ है, जिन्होंने काउंसलिंग के जरिए सरकारी और प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन ले लिया है। रिपोर्ट के आधार पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने संदिग्धों के एडमिशन निरस्त करने की तैयारी कर ली है।
संयुक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि व्यापमं ने मिस मैच रिपोर्ट के आधार पर एसटीएफ को पीएमटी में शामिल हुए 701 परीक्षार्थियों की सूची सौंपी थी। सूची में करीब 120 नाम ऐसे हैं, जिन्होंने काउंसलिंग के मार्फत कॉलेज में एडमिशन लिया है।
12 छात्रों ने छोड़ी आवंटित सीट
संदिग्धों की सूची में शामिल 12 स्टूडेंट्स ने चिरायु मेडिकल कॉलेज, भोपाल में एडमिशन लिया था। इन्होंने आखिरी चरण की काउंसलिंग के कुछ दिन पहले प्रवेश निरस्त करा लिए थे। इसी तरह अरविंदो मेडिकल कॉलेज इंदौर में 19 संदिग्धों ने एडमिशन लिया था। इनमें से तीन ने 21 सितंबर और अन्य तीन ने 29 सितंबर को एडमिशन निरस्त कराया था। शेष 13 विद्यार्थी अभी भी कॉलेज में पढ़ रहे हैं। सूची में शामिल विद्यार्थियों को संदिग्ध घोषित किया था।
कॉलेजों में पढ़ रहे संदिग्ध विद्यार्थी
गांधी मेडिकल कॉलेज
दर्शिका चौहान, दीपक चौहान, गौरव श्रीवास्तव, हेमंत रावत, जयक्रांत सिंह, मीना मीणा, मेनका चौधरी, नताशा केम, नयन मछार, नीतू सिंह मरकाम, निखिल मिश्रा, पवन वास्कले, प्रियंका डामोर, पुष्पेंद्र हटीला, राधिका जायसवाल, राहुल डुडवे, रवि कटारा, रवींद्र खरते, रितुराज वारकड़े, शुभम वास्कले, सिदार्थ सिंह गुप्ता, विजय सिंह मीणा, विनोद सिंह परमार।
एलएन मेडिकल कॉलेज
वीनम ओशीन सिंह, शैलेंद्र सिंह चौहान, एश्वर्य सिंह ठाकुर, रोहित हाड़ा, प्रियंका छापरे, नीरज सुमन।
चिरायु मेडिकल कॉलेज इन्होंने निरस्त कराया प्रवेश
रोहित, अजीत कुमार गुप्ता, सुनील कुमार वर्मा, श्रवण मेहता, भगवान शाह, अभिनव कुमार यादव, रियाज अहमद, सुनील अटल, संत कुमार मौर्य, जगदीश, अनिल सिंह तथा अनिल कुमार।
(संदिग्ध विद्यार्थियों के नामों की जानकारी संचालनालय चिकित्सा शिक्षा की रिपोर्ट के मुताबिक)
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