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मैंने रंजना चौधरी को दिए थे 42 लाख रुपए : पंकज त्रिवेदी

8 वर्ष पहले
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भोपाल. व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) के तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी ने गलत तरीके से छात्रों को परीक्षाएं पास करवाने के ऐवज में मिली रकम में से 42 लाख रुपए पूर्व चेयरमैन रंजना चौधरी को दिए थे। त्रिवेदी को व्यापमं के कंप्यूटर शाखा के प्रभारी नितिन महिंद्रा से 75 लाख रुपए मिले थे। रंजना चौधरी को इनमें से 42 लाख रुपए देने के बाद शेष रकम त्रिवेदी ने अपनी पत्नी के पास रख दिए थे। यह खुलासा खुद पंकज त्रिवेदी ने एसटीएफ को दिए अपने बयान में किया है। इस मामले में एसटीएफ ने धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, आपराधिक षडय़ंत्र के आरोपों में बुधवार को 750 पेजों का चालान कोर्ट में पेश कर दिया।

दैनिक भास्कर को मिले चालान में शामिल आरोपियों के बयानों की प्रति के अनुसार पंकज त्रिवेदी के साथ ही व्यापमं के दो अन्य अधिकारी चंद्रकांत मिश्रा और अजय सेन ने भी नितिन महिंद्रा को ही सौदेबाजी का दोषी बताया है। नितिन महिंद्रा ने बाहरी गिरोह के सरगना डॉ. जगदीश सागर, तरंग शर्मा और संजीव शिल्पकार से एक करोड़ रुपए से अधिक की रकम लेना स्वीकार किया है।

चारों आरोपियों में सबसे अहम बयान पंकज त्रिवेदी का है, जिन्होंने व्यापमं की पूर्व चेयरमैन आईएएस अधिकारी रंजना चौधरी को भी पैसे देना स्वीकार किया है। रंजना चौधरी 1974 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वे 1 फरवरी, 2010 से 30 जून 2012 तक व्यापमं की चेयरमैन रहीं हैं। रिटायरमेंट के बाद वे फिलहाल कैट, हैदराबाद की मेंबर हैं।


मेमोरेंडम में क्या कहा

नितिन महिंद्रा की मदद से कई परीक्षाओं में लोगों को पास कराया

मैंने पीएमटी-2013 के अलावा अन्य परीक्षाओं में भी व्यापमं कंप्यूटर शाखा के प्रभारी नितिन महिंद्रा की मदद से कई लोगों को गलत तरीके से पास कराया। इनमें तरंग शर्मा तथा कई नेता व अधिकारियों से मिली परीक्षार्थियों की सूची के रोल नंबर के परीक्षार्थी शामिल हैं। उनसे लाखों रुपए प्राप्त किए थे। अलग-अलग परीक्षा के संबंध में लेन-देन किया था, उनका पूरा विवरण नितिन महिंद्रा के पास रहता था। बार-बार लेन-देन होने से याद नहीं रहता था और विवाद न हो इसलिए पूरी जानकारी व कैश उसके पास ही रखता था। इनमें से 75 लाख रुपए नितिन ने मुझे दिए थे, जिसमें से 42 लाख रुपए मैंने चेयरमैन रंजना चौधरी को दिए थे। शेष पैसे मेरी पत्नी के पास रख दिए थे।

-डॉ. पंकज त्रिवेदी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, व्यापमं
(यह मेमोरंडम 30 अक्टूबर, 2013 को दो गवाह सुनील कुशवाह और हिरदेश गव्हाडे की मौजूदगी में बनाया गया था।)


रंजना चौधरी से भी होगी पूछताछ
इस खुलासे के बाद जब दैनिक भास्कर ने रंजना चौधरी की भूमिका के बारे में एसटीएफ के डीएसपी डीएस बघेल से पूछा, तो उन्होंने कहा कि पंकज त्रिवेदी ने यह रकम जुलाई, 2012 में श्रीमती चौधरी को देना बताया है, जबकि वे जून में ही रिटायर हो गईं थीं। त्रिवेदी ने उन्हें पद पर रहने के दौरान रकम नहीं दी थी। बघेल ने बताया कि इस मामले में श्रीमती चौधरी के बयान लिया जाना अभी बाकी है।