भोपाल. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करने पत्रकारों से रूबरू हुए वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार मीडिया के सवालों में उलझ गए। टाइगर स्टेट का दर्जा छिनने से जुड़े सवाल के जवाब में वन मंत्री ने अजीब जवाब दिया।
वे बोले- क्या टाइगरों को लाइन से खड़ा करके गिनें, कोई प्रतिस्पर्धा तो है नहीं? इससे पहले शेजवार ने विभाग की उपलब्धियों का पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन दिया, लेकिन जब सवालों की बारी आई तो कई सवालों से वे किनारा करने लगे। हर सवाल का जवाब उन्होंने विभाग के अधिकारियों से पूछ कर दिया।
वनमंत्री शेजवार ने प्रेजेंटेशन में यह तो बताया कि प्रदेश को बायो डाइवर्सिटी अवॉर्ड मिला है, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं है कि जैव विविधता के संरक्षण के लिए बायोस्फीयर रिजर्व का संरक्षण वन विभाग की जिम्मेदारी है। बायोस्फीयर रिजर्व में हुए कार्यों के जवाब में शेजवार ने कहा कि यह एप्को की जिम्मेदारी है।
पीसीसीएफ अनिल ओबेराय ने बाद में स्वीकार किया कि बायोस्फीयर रिजर्व संरक्षण वन विभाग की जिम्मेदारी है। इसके लिए एप्को जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद भी विभाग को मिलती है। एप्को को इसके लिए एजेंसी बनाया गया है।
शेजवार को वन विभाग के ‘व’ का भी ज्ञान नहीं : यादव
शेजवार के रिपोर्ट कार्ड पेश करने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि वन मंत्री को वन विभाग के ‘व’ का भी ज्ञान नहीं है। उन्होंने जिस शैली में जवाब दिया है, उससे साफ है कि शेजवार को टाइगर का शिकार रोकने और उनका संरक्षण करने की कोई चिंता नहीं है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने जुलाई में भारत के वन की स्थिति की रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि मप्र में दो साल में वन क्षेत्र 178 वर्ग किमी कम हुआ है। इसकी वजह बताई गई है अवैध उत्खनन और अतिक्रमण।
मान लो, एक टाइगर का शिकार हुआ
टाइगर स्टेट का दर्जा छिनने के बाद अब क्या तैयारी है?
शेजवार : क्या टाइगरों को लाइन से खड़ा करके गिनें। जैसे गणना होती है, करते हैं। कोई प्रतिस्पर्धा तो है नहीं। हमारे बांधवगढ़ में 72, कान्हा 78, पेंच में 45, पन्ना में 30 और संजयगांधी टाइगर रिजर्व में 10 बाघ हैं। टाइगर स्टेट से कुछ नहीं होता।
कितने टाइगरों का शिकार हुआ?
शेजवार : अब तक 11 टाइगर मरे हैं। किसी का शिकार नहीं हुआ। ( जब मीडिया ने कहा कि एक शिकार की जानकारी तो है ही। तो वे बोले- ठीक है, मान लो कि एक शिकार हुआ।)
यह कोई स्कूल की परीक्षा नहीं
रिपोर्ट कार्ड में उल्लेखनीय क्या है?
शेजवार : ‘रिपोर्ट कार्ड’ शब्द मुख्यमंत्री ने नहीं कहा। वे मेरे इमिडिएट बॉस हैं। उनके निर्देश के हिसाब से विभाग का कामकाज बता रहा हूं। ये कोई स्कूल की परीक्षा नहीं कि कोई फेल या पास होगा।