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रिटायर्ड सैनिक ने खुद को गोली मारी, सुसाइड नोट में लिखा 'बेटी को देना मेरी संपत्ति'

7 वर्ष पहले
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भोपाल. रिटायर्ड सैनिक और आरकेडीएफ कॉलेज संचालक सुनील कपूर के गनमैन ने सर्वधर्म सी-सेक्टर स्थित अपने मकान में लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली। उन्होंने यह कदम क्यों उठाया फिलहाल इसका खुलासा नहीं हो सका है। एक पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी मर्जी से यह कदम उठाने का जिक्र किया है।
कोलार स्थित सर्वधर्म सी-सेक्टर में रहने वाले 56 वर्षीय श्याम सुंदर पारे आरकेडीएफ कॉलेज संचालक सुनील कपूर के गनमैन भी थे। साथ में उनकी पत्नी, बेटा अभिषेक और दो बेटियां रहती हैं। बड़ी बेटी दिव्या के मुताबिक शनिवार रात करीब नौ बजे पापा शराब पीकर घर लौटे थे। बगैर खाना खाए वह बाहर वाले कमरे में सो गए, जबकि बाकी परिवार अंदर के कमरे में सो रहा था। देर रात करीब ढाई बजे अचानक बाहर वाले कमरे से गोली चलने की तेज आवाज परिवार को सुनाई दी।
सभी वहां पहुंचे तो श्याम सुंदर खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। उन्होंने अपनी 32 कैलिबर की लाइसेंसी रिवॉल्वर से सिर में गोली मार ली थी। गोली सिर को भेदते हुए दीवार से जा टकराई थी। पड़ोसियों की मदद से परिवार उन्हें लेकर नर्मदा अस्पताल पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल की सूचना पर कोलार पुलिस भी पहुंची और मर्ग कायम कर लिया।
बेटी के नाम कर देना मेरी संपत्ति
टीआई अखिलेश मिश्रा ने बताया कि घटनास्थल से कुछ कागज के टुकड़े मिले थे। उन्हें जोड़ने पर पता चला कि वह एक सुसाइड नोट था। श्याम सुंदर ने इसमें लिखा है, ‘"श्रीमान थाना प्रभारी महोदय, सेवा में, मैं गुस्से में अपने आपको गोली मार रहा हूं। इसमें किसी का कोई दोष नहीं है और मैं अपने हिस्से की प्रॉपर्टी आकांक्षा पारे को दिए जा रहा हूं। इसमें किसी का हिस्सा नहीं है। मेरा, मेरी पत्नी का, मेरे बेटे का और मेरी बहू का। मेरी बेटी आकांक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। मेरा हिस्सा आकांक्षा को दे दिया जाए। श्याम सुंदर पारे।’' पुलिस फिलहाल यह पता नहीं लगा पाई है कि सुसाइड नोट खुदकुशी से पहले फाड़ा गया या बाद में?
कहते थे खुद को गोली मार लूंगा : दिव्या
दिव्या का कहना है कि पापा अक्सर शराब के नशे में खुद को गोली मारने की बात कहते थे। वे वाकई ऐसा कदम उठा लेंगे, इसका अंदाजा नहीं था। उन्होंने कभी भी अपनी तकलीफ के बारे में परिवार के किसी सदस्य को नहीं बताया था।
(रिटायर्ड सैनिक श्याम सुंदर पारे)