भोपाल. सात साल के बाद कोलार में हुए चुनाव में मतदान कर जनता ने अपना जनप्रतिनिधि चुन लिया है। अब इन जनप्रतिनिधियों के कंधों पर अपने-अपने वार्ड का विकास कराने की जिम्मेदारी है, जिसको देखते हुए जोन 15 के अंतर्गत आने वाले सभी छह वार्डों के पार्षदों ने भी अपनी प्राथमिकताएं तय कर ली हैं।
साथ ही प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए समय सीमा भी निर्धारित कर ली है इसके तहत कोई अपने वार्ड में पहले सड़कों का निर्माण कराना चाहता है, किसी को सीवेज की समस्या का समाधान करना है, तो कोई स्वच्छता को प्राथमिकता दे रहा है।
हालांकि जनता और जानकारों का कहना है कि चुनाव में जीत हासिल करने के बाद हर जनप्रतिनिधि अपनी प्राथमिकता तय करता है और देखने में आता है कि उसका कार्यकाल समाप्त होने तक चुनाव में किए गए कई वादे पूरे नहीं हो पाते।
प्राथमिकता में शामिल किए गए काम कार्यकाल के अंत तक जारी होते हैं। इसका असर क्षेत्र के विकास पर तो पड़ता है। इसलिए बेहतर है कि जिस तरह से केंद्र सरकार या राज्य सरकार द्वारा सौ दिन की कार्य योजना तय की गई है और मंत्री, सांसद व विधायकों का रिपोर्ट कार्ड तैयार करने की शुरुआत हुई है, उसी तरह से नगर सरकार या निगम परिषद की भी सौ दिनी कार्य योजना बननी चाहिए।
साथ ही मेयर, अध्यक्ष और पार्षदों को भी रिपोर्ट कार्ड बनाया जाना चाहिए। इससे सिस्टम में पारदर्शिता, जनता के प्रति जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही बढ़ेगी।