भोपाल. कपड़ों को हमेशा फैशन से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब ब्रांड्स उनकी मेकिंग के लिए साइंटिफिक तरीका अपना रहे हैं। इसके लिए पहले रिसर्च एंड डेवलपमेंट के जरिए लोगों की जरूरतों और उनके कम्फर्ट के लिए जरूरी पहलुओं को देखकर फिर फैब्रिक और पैटर्न तैयार हो रहे हैं। आरएंडडी के बाद ड्रेसेस के लिए जहां फैब्रिक्स को मिक्स-मैच किया जा रहा है। वहीं, विंटर के फैब्रिक्स को समर्स में यूज़ किया जा रहा है।
ड्राय फिट टी-शर्ट्स
पसीने से भीगने के बाद टी-शर्ट्स अक्सर लुक और वियरिंग में अनकम्फर्टेबल लगती हैं। इस परेशानी पर मशहूर स्पोर्ट्स ब्रांड नाइकी के आरएंडी डिपार्टमेंट ने काम किया और ड्राय फिट का कॉन्सेप्ट सामने आया। नाइकी ने ड्राय फिट में मेन्स टी-शर्ट की नई रेंज लॉन्च की है।
वूलन इन समर्स
इसी तरह वेरोमोडा ब्रांड ने वूलन फैब्रिक को समर्स के लिए डिजाइन किया है। इसके लिए बहुत ही पतले वूल से जालीदार पैटर्न में ड्रेसेस तैयार की गई हैं। फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि वूल बहुत ही लाइट वेटेड होता है जिससे बनी ड्रेसेस गर्मियों में पहनना कंफर्टेबल हो जाता है।
कैसे काम करता है ड्राय फिट
ड्राय फिट ऐसा परफॉर्मेंस फैब्रिक है, जो पसीने को सोखकर स्किन को ड्राय और कंफर्टेबल रखता है। इतना ही नहीं ये पसीना कपड़े से भी इवैपोरेट हो जाता है, जिससे उसमें भी स्मेल नहीं रहती। डीबी सिटी स्थित माय वेज के मर्चेंडाइजिंग हेड गोविंद लोधी बताते हैं कि वर्कआउट्स करने और एथलीट्स के लिए ड्राय फिट टी-शर्ट्स परफेक्ट होती हैं। इस दौरान शरीर से निकलने वाला एक्सेस पसीना ड्राय फिट टी-शर्ट सोख लेती है, लेकिन फिर भी ड्रेस चिप-चिपी नहीं होती।
आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें.....