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बन रहा है खास संयोंग शिव आराधना के लिए खास रहेंगे 72 घंटे

9 वर्ष पहले
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भोपाल। इस बार महाशिवरात्रि पर शिव आराधना के लिए एक दिन पहले से एक दिन बाद तक 72 घंटे में तीन पर्वो का विशिष्ट संयोग बन रहा है। आगामी 9 मार्च को शनि प्रदोष, 10 को महाशिवरात्रि और 11 को सोमवती अमावस्या होने से यह तीनों दिन शिव पूजा के लिए श्रेष्ठ माने जा रहे हैं। यह संयोग दस साल बाद बना है।
पंडितों का मत है कि शिव महापुराण के कोटि रुद्र संहिता के अनुसार प्रदोष, महाशिवरात्रि व सोमवती अमावस्या के देवता भगवान शिव ही हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि नक्षत्र मेखला की गणना के अनुसार ऐसा संयोग इसके पहले वर्ष 2003 में बना था। अगला संयोग 2023 में बनेगा।
ज्योतिषी पं. धर्मेद्र शास्त्री का कहना है कि इस दौरान की जाने वाली शिव आराधना सुख, शांति व समृद्धि प्रदान करने वाली होगी। ज्योतिषी अंजना गुप्ता के मुताबिक तीनों दिन शिवलिंग का दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक व बिल्व पत्र चढ़ाकर पूजा करने से शोक, संताप व दरिद्रता दूर होती है।
शनि प्रदोष, महाशिवरात्रि और सोमवती अमावस्या का त्रिपर्व योग क्यों है खास जाने आगे की स्लाइड्स में