उन्होंने मप्र के पक्षों को भी रखा। चौहान ने इस मौके पर यूपीए सरकार के योजना आयोग पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती योजना आयोग में पहले से राज्यों को आवंटन निर्धारित होता था। बैठकें मात्र औपचारिक होती थीं और 25-50 करोड़ की वृद्धि लेकर राज्य लौट आते थे। अब जो नीति आयोग है, उसका स्वरूप सही अर्थों में राष्ट्रीय है। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी का भी बतौर गुजरात के मुख्यमंत्री अच्छा अनुभव है।