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सब्सिडी चाहिए तो बैंक अकाउंट और रसोई गैस नंबर से लिंक कराएं आधार

7 वर्ष पहले
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भोपाल. यदि आपको आधार नंबर मिल चुका है और आपने उसे अब तक बैंक अकांउट और रसोई गैस के उपभोक्ता नंबर से लिंक नहीं कराया है तो यह काम जल्द कर लीजिए। ऐसा इसलिए करें कि भोपाल जिले में भी डायरेक्ट कैश बेनीफिट ट्रांसफर (डीसीबीटी) स्कीम दोबारा जल्द शुरू होने की संभावना है। इस स्कीम के जरिए ही रसोई गैस की सब्सिडी आपके बैंक खाते में पहुंचेगी।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पिछले महीने डीसीबीटी स्कीम लागू करने की घोषणा की है। इसके बाद से ही तेल कंपनियों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी थीं। दस नवंबर से प्रदेश के चार जिलों होशंगाबाद, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में यह योजना शुरू होगी।
इसके बाद भोपाल और जबलपुर समेत प्रदेश के अन्य जिलों में इसे शुरू किया जाएगा। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने इन छह जिलों का पायलट जिले के तौर पर चयन किया है। इन जिलों में यह स्कीम पहले शुरू होने के संकेत हैं।
एक नजर में

24 लाख (करीब) आबादी है भोपाल जिले की
17 लाख लोगों के ही आधार कार्ड बने हैं अब तक
06 लाख लोगों का एनरोलमेंट होना बाकी
05 लाख से ज्यादा रसोई गैस उपभोक्ता हैं जिले में
02 लाख उपभोक्ताओं के आधार लिंक होना है अभी
यह प्रक्रिया पूरी करें आप

>आप आधार कार्ड लेकर रसोई गैस एजेंसी जाएं, वहां फार्म नंबर-4 भरें। इसके आधार पर वितरक आपका आधार नंबर, रसोई उपभोक्ता नंबर से लिंक कर देंगे।
>जिस बैंक में अकाउंट है, उसकी शाखा में आप फाॅर्म नंबर-3 मांगकर भरें। ऐसा करने पर बैंक द्वारा आपका आधार नंबर बैंक अकांउट से लिंक कर दिया जाएगा।
यह सावधानी जरूर रखें : यदि आपके दो या ज्यादा बैंक में खाते हैं तो आप अपना लेटेस्ट बैंक अकाउंट नंबर ही दर्शाएं, क्योंकि रसोई गैस सब्सिडी आपके नए अकाउंट में ही ट्रांसफर होगी।
जल्द कराएं एनरोलमेंट

यदि आपके पास अभी तक आधार नंबर नहीं है तो इसके लिए आप जल्द एनरोलमेंट करा लें। इसके लिए आपको अपना आईडी और एड्रेस प्रूफ लेकर एनरोलमेंट करने वाली एजेंसी के दफ्तर में जाना होगा।
जिनके आधार पहले से लिंक हैं, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के चीफ एरिया मैनेजर ओपी साहू ने बताया कि जिनके आधार नंबर उनके बैंक अकांउट और रसोई गैस नंबर से लिंक हैं, उन्हें दोबारा नंबर लिंक नहीं कराना पड़ेगा। तेल कपंनियों के पास पहले फीड किए गए डाटा उपलब्ध हैं।