भोपाल. माध्यमिक शिक्षा मंडल की दसवीं बोर्ड परीक्षा में साधु वासवानी स्कूल की छात्रा सिमरन मोरंदानी री-टोटलिंग में बढ़े अंकों से प्रावीण्य सूची में आ गई है। सिमरन ने 600 में से 561 अंक अर्जित किए थे, लेकिन उसे लग रहा था कि गणित और संस्कृत में प्राप्त अंक कम आए हैं। खुद पर भरोसा कर सिमरन ने गणित और संस्कृत विषय में री-टोटलिंग के लिए आवेदन भरा था। जिसमें गणित में तो सुधार नहीं आया, लेकिन संस्कृत में 16 अंक बढ़ गए। पहले सिमरन के संस्कृत में 83 अंक आए थे, जो 99 हो गए हैं। अंक में हुई वृद्धि से सिमरन के परीक्षा में 600 में से 577 अंक हो गए हैं और वह प्रावीण्य सूची में दसवें स्थान पर पहुंच गई है।
पूरा भरोसा था मुझे
छात्रा सिमरन का कहना है कि जिस तरह का परिणाम आया था, मैं उससे संतुष्ट नहीं थी। मुझे गणित और संस्कृत में मिले अंकों से अधिक मिलने की उम्मीद दी। इस लिए मैंने बोर्ड में री-टोटलिंग का फार्म भरा था। जिसमें बढ़े अंकों से मेरा विश्वास सही निकला। मुझे खुशी है कि मैं संस्कृत में बढ़े अंकों से प्रावीण्य सूची में दसवें नंबर पर आ गई हूं।
भाऊ जी का मार्गदर्शन
अध्ययन के दौरान मुझे सिद्धभाऊ जी से मिले मार्गदर्शन ने यह सफलता हासिल करने में मदद की है। संस्था के प्रमुख विष्णु गेहानी की सतत् निगरानी और अध्यापक वर्ग के अध्यापन को भी मैं अपनी सफलता के लिए श्रेय देती हूं। अगली परीक्षाओं में और बेहतर कर सकूं इसका प्रयास करूंगी।
मिलेगी राशि!
संतनगर में बोर्ड परीक्षा में प्रावीण्य सूची में आने पर जीव सेवा संस्थान आगे की पढ़ाई के लिए एक लाख रुपए देता है। अंकों में वृद्धि के बाद सिमरन भी उसकी हकदार हो गई है। संतजी के शिष्य सिद्धभाऊ ने बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए यह परंपरा शुरू की है। इधर मैकरिट लिस्ट में आने वाले विद्यार्थियों के लिए राज्य स्तर पर शासन द्वारा दी जाने वाली स्कॉलरशिप की भी सिमरन हकदार हो गई है। सिमरन इसके लिए भी प्रयास करेगी।