भोपाल. सरकारी मेडिकल कॉलेजों से वर्ष 2006 के बाद एमबीबीएस, एमडी, एमएस करने वाले छात्रों को शैक्षणिक दस्तावेज चिकित्सा शिक्षा विभाग अब वापस नहीं करेगा। पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों को कॉलेज के डीन केवल डिग्री और डिप्लोमा की फोटो कापी देंगे। संचालक चिकित्सा शिक्षा ने यह निर्णय व्यापमं पीएमटी और प्रीपीजी गड़बड़ी मामले की जांच कर रही एसटीएफ की रिपोर्ट पर लिया है। वहीं जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने संचालक चिकित्सा शिक्षा(डीएमई) के इस फैसले का विरोध करना शुरू कर दिया है। एसोसिएशन सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को डीएमई को ज्ञापन सौंपेगा।
डीएमई के अधिकारियों ने बताया कि एसटीएफ 2008 से लेकर 2013 तक की पीएमटी व प्रीपीजी गड़बड़ी में शामिल कई छात्रों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि दो दर्जन से ज्यादा छात्रों की तलाश एसटीएफ को अब भी है। काउंसलिंग कमेटी के अध्यक्ष डॉ. एनएम श्रीवास्तव ने बताया कि एसटीएफ ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों से डिग्री कंपलीट करने वाले छात्रों की डिग्री सहित अन्य दस्तावेज जांच पूरी न होने तक न लौटाने की सिफारिश की थी। इसके चलते सभी मेडिकल कॉलेजों के डीन को आदेश दिए हैं। कॉलेज डीन एमसीआई रजिस्ट्रेशन के लिए उन्हें मार्कशीट की सत्यापित फोटो कापी देंगे।
एसटीएफ की रिपोर्ट पर जारी होंगे मूल दस्तावेज
डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हीं छात्रों को मूल दस्तावेज वापस किए जाएंगे, जो एसटीएफ से लिखित में पीएमटी और प्रीपीजी गड़बड़ी मामले में नाम न होने संबंधी रिपोर्ट देंगे। उन्हें इस रिपोर्ट के लिए एसटीएफ कार्यालय में आवेदन देना पड़ेगा। इसकी जांच के बाद एसटीएफ संबंधित छात्र को मेडिकल प्रवेश परीक्षा गड़बड़ी मामले में अारोपी न होने का सर्टिफिकेट देगी।
डीएमई लौटाएंगे मूल दस्तावेज: डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों को उनके मूल दस्तावेज अब डीएमई लौटाएंगे। इसके लिए संबंधितों को संचालक चिकित्सा शिक्षा को रूरल बाॅन्ड पूरा करने का सर्टिफिकेट भी देना पड़ेगा।
आगे की पढ़ाई के लिए लौटाएं मूल दस्तावेज
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आदर्श वाजपेयी ने डीएमई से डिग्री कंपलीट कर चुके छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए मूल दस्तावेज वापस लौटाए जाने के आदेश जारी करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ रहे 80 फीसदी छात्रों ने खुद की मेहनत से मेडिकल में दाखिला लिया है।
गड़बड़ी करके कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्रों के कारण सभी मेडिकल स्टूडेंट्स के शैक्षणिक दस्तावेज लौटाने पर रोक लगाना गलत है। इस कारण डीएमई जल्द से जल्द डिग्री कंपलीट कर चुके छात्रों के दस्तावेज जारी करने पर लगी रोक को हटाएं। ऐसा नहीं होने पर संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा।