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भोपाल फॉरेस्ट सर्कल में बढ़े बाघ और तेंदुए, भालू और काले हिरण भी बने

7 वर्ष पहले
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भोपाल. भोपाल फॉरेस्ट सर्कल में स्थित रातापानी अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनने में भले ही समय हो, लेकिन यहां बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। भोपाल के केरवा से लेकर रातापानी अभयारण्य तक 18 बाघों और 12 तेंदुए मिलने की पुष्टि हुई है।

वन विभाग के अनुसार इनकी गणना के बाद अभी आंकड़ों और साक्ष्यों का मिलान हो रहा है। इनकी संख्या और अधिक हो सकती है। वहीं, अन्य वन्य प्राणियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसमें शाकाहारी वन्य प्राणी भी शामिल हैं। वर्ष 2006 में भोपाल फॉरेस्ट सर्कल की गणना में 16 बाघ और 6 तेंदुए थे। 2010 में हुई गणना में रातापानी के बाघों की संख्या घटकर सिर्फ आठ रह गई थी।

सर्कल के अधिकारियों का कहना है कि वन्य प्राणियों की सुरक्षा और क्षेत्र में बढ़े हुए जंगल की वजह से यहां पर बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। कलियासोत, केरवा, कठोतिया, कोलार, बरखेड़ा, औबेदुल्लागंज, बुधनी और रातापानी अभयारण्य में 18 बाघ होने के साक्ष्य मिले हैं। सर्कल की 610 बीटों में तेंदुए, भालू, लकड़बग्गा, चीतलों, काले हिरण, चौसिंघा सहित अन्य वन्य प्राणियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।

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