भोपाल. प्रदेश में पांचवीं और आठवीं बोर्ड की परीक्षा फिर से शुरू होगी। दो दिन तक चले मंथन-2014 में आए सुझाव के आधार पर राज्य सरकार इस बारे में केंद्र को पत्र लिखेगी। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) लागू होने के बाद इसके लिए केंद्र से अनुमति लेना जरूरी हो गया है। यह बात मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को प्रशासन अकादमी में पत्रकारवार्ता में मंथन में आए सुझावों की जानकारी देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि केंद्र से बोर्ड परीक्षाएं अनुमति मिलने तक छात्रों का मूल्यांकन करने सरकार स्वयं इन परीक्षाओं का आयोजन करेगी। इसके साथ ही नैतिक शिक्षा को पाठ्यक्रम का अंग बनाया जाएगा और स्कूल में ‘सुंदर लेखन दिवस’ व ‘पुस्तक वाचन दिवस’ मनाए जाएंगे।
दो दिन के इस मंथन में कुल 450 सुझाव आए। इनमें से 100 लागू करने लायक माना। इनमें से 42 की घोषणा मुख्यमंत्री ने अपनी पत्रकार वार्ता में की। मुख्यमंत्री ने इनमें से 25 पर जोर देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए वेंचर केपिटल फंड कंपनी बनाई जाएगी। पहले चरण में इस कंपनी में लघु उद्योगों के लिए 100 करोड़ रुपए का फंड स्थापित किया जाएगा। इसके तहत युवा उद्यमियों को उद्योग लगाने प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सीधे बाजार से ऋण लेंगे प्रदेश सरकार के उपक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन के उपक्रम सीधे बाजार से ऋण लेंगे। पहले चरण में 10 हजार करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति बेहतर है। गुजरात, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के बाद मप्र चौथा ऐसा राज्य बन गया है, जिसकी क्रेडिट रेटिंग ‘ए’ श्रेणी की है। इसी वजह से सीधे बाजार से ऋण जुटाना संभव है।
हर विभाग का एक मोबाइल एप होगा : राज्य सरकार के हर विभाग का एक मोबाइल एप होगा, जिससे आम नागरिक ऑनलाइन सुविधाएं ले सकेंगे।
ये फैसले भी लेगी सरकार
>उद्योगों और व्यापारियों को कॉमन बिजनेस आइडेंटिटी नंबर दिया जाएगा।
>तंबाकू उत्पादों और शराब पर एक प्रतिशत सरचार्ज लगाया जाएगा। इस राशि को स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च किया जाएगा।
>प्रशासनिक सुधारों के लिए कैबिनेट की समिति का गठन किया जाएगा। >पुराने ऐसे कानून जो अप्रासंगिक हो चुके हैं, उन्हें बदला जाएगा।
>सरकारी कार्यालयों की कार्यप्रणाली गुणवत्तापूर्ण करने के लिए उनका आईएसओ सर्टिफिकेशन कराया जाएगा।
>प्रदेश में वन, जल, खनिज और फसल का जीआईएस आधारित डाटाबेस तैयार करने अलग से अथारिटी बनाई जाएगी।