भोपाल. आखिर जिला प्रशासन व्यस्ततम स्थानों पर धरना और प्रदर्शन की अनुमति क्यों दे रहा है? बुधवार शाम को बोर्ड ऑफिस चौराहा, होशंगाबाद रोड, ज्योति चौराहा, गुरुदेव गुप्त चौराहा और रचना नगर अंडरब्रिज समेत आसपास के इलाकों में दो घंटे तक जाम में फंसे हजारों लोगों की जुबान पर यही सवाल था।
दरअसल जिला प्रशासन ने डिप्लोमा इंजीनियर्स को बोर्ड ऑफिस चौराहे पर धरने की अनुमति दी थी, लेकिन आंदोलनकारी सड़क पर उतर आए। इससे हालात बेकाबू हो गए। ट्रैफिक सामान्य करने के लिए पुलिसकर्मियों का अता-पता नहीं था। लोगों को खुद रास्ता तलाशना पड़ा।
क्यों बने हालात
डिप्लोमा इंजीनियर्स ने अच्छे पे स्केल और प्रमोशन की मांग को लेकर तुलसी नगर स्थित अांबेडकर पार्क में सभा की, फिर बोर्ड ऑफिस पर पहुंच गए। यहां उन्हें एसडीएम को ज्ञापन सौंपना था। एसडीएम के इंतजार में वे चौराहे पर ही लाइन बनाकर बैठ गए। इससे सड़क पर जगह कम बची और वाहनों का दबाव बढ़ गया।
कहां हुई दिक्कत
देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई, जो बोर्ड ऑफिस चौराहे से शुरू होकर गोविंदपुरा एंट्री तक जा पहुंची। हालात ऐसे बिगड़े कि हबीबगंज नाका, पुरानी जेल रोड, मैदा मिल रोड और रचना नगर अंडरब्रिज जाने वाली सड़कों पर भी ट्रैफिक जाम होता चला गया।
ऐसे मिली निजात
शुरूआत में एमपी नगर थाने के चार सिपाहियों ने मोर्चा संभाला। बाद में ट्रैफिक पुलिस के अफसरों को भी सड़क पर उतरना पड़ा। वाहनों को प्रगति पेट्रोल पंप, गुरुदेव गुप्त चौराहा से डायवर्ट किया गया, तब कहीं ट्रैफिक क्लीयर हुआ।