भोपाल. नए साल से आधार कार्ड न होने की सूरत में एलपीजी आईडी के जरिए घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी देने की योजना उलझ गई है। प्रदेश में आधे से ज्यादा बैंकों में 17 डिजिट वाली इस आईडी को अकाउंट से लिंक करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर न होने के चलते ऐसे हालात बने हैं।
जानकारों का कहना है कि ऐसे में एलपीजी आईडी से सब्सिडी लेने की बजाय यही बेहतर होगा कि संबंधित ग्राहक अपना आधार कार्ड तैयार करवा लें। इसके लिए उनके पास 1 जनवरी, 2015 तक का समय है। इस तारीख तक यदि उनका एलपीजी आईडी, बैंक अकाउंट से लिंक नहीं हुआ तो आधार कार्ड के अभाव में उन्हें सिलेंडर पर सब्सिडी नहीं मिलेगी।
ऑयल कंपनियों ने तैयार किए दो विकल्प
नए साल से घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी की योजना एक बार फिर शुरू की जा रही है। राजधानी में यह योजना 1 जनवरी से शुरू हो जाएगी। यहां फिलहाल एलपीजी के सात लाख उपभोक्ताओं में से करीब 2.10 लाख के पास आधार कार्ड नहीं है। ऑयल कंपनियों ने ऐसे लोगों को सब्सिडी देने के लिए दो विकल्प तैयार किए हैं। पहले विकल्प में ग्राहकों को डिस्ट्रिब्यूटर से फॉर्म-4 लेना होगा।
उन्हें इस फॉर्म में एलपीजी आईडी का नंबर और दूसरी जानकारियां भरकर इसे डिस्ट्रिब्यूटर के पास देना होगा। वहां से यह फॉर्म बैंक में पहुंचा दिया जाएगा। बैंक, ग्राहक के अकाउंट नंबर से एलपीजी आईडी लिंक कर देगा, जिससे एलपीजी सब्सिडी उसके अकाउंट में आने लगेगी।
दूसरे विकल्प के तहत ग्राहक डिस्ट्रिब्यूटर से फॉर्म-3 लेकर इसमें एलपीजी आईडी और दूसरी जानकारियां भरकर स्वयं अपने बैंक में जमा कर सकता है। लेकिन ये दोनों ऑप्शन तभी कारगर होंगे जब बैंक अपने सॉफ्टवेयर अपडेट करें। ऐसा न होने पर आधार ही एकमात्र विकल्प बचेगा।
सर्वर पर शिफ्ट नहीं हो पा रहा आईडी
प्रदेश में सरकारी, प्राइवेट, सहकारी और ग्रामीण क्षेत्रीय बैंक मिलाकर कुल 84 बैंक और उनकी ब्रांच हैं। इनमें से केवल 52 ही फॉर्म-4 के माध्यम से एलपीजी आईडी को अकाउंट से लिंक करने के लिए जरूरी सिस्टम तैयार कर सके हैं।
दूसरी ओर फॉर्म-3 के जरिए आईडी को लिंक करने का सिस्टम केवल 29 बैंकों के पास है। यहां तक कि देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के पास भी यह सिस्टम नहीं है। ऑयल कंपनियों के अफसरों के अनुसार बैंकों के सॉफ्टवेयर 17 अंक लंबी एलपीजी आईडी को अपने सेंट्रल सर्वर पर शिफ्ट नहीं कर पा रहे हैं।
आधार कार्ड बनवा लें तो बेहतर
एलपीजी आईडी के अकाउंट से लिंक होने में परेशानी आ रही है। बेहतर यही होगा कि लोग सब्सिडी पाने के लिए आधार कार्ड तैयार करवा लें। उनके पास 1 जनवरी तक का समय है।
संजीव कुमार जैन, जीएम, इंडियन ऑयल, मप्र