भोपाल. आखिरकार राज्य सरकार अरेरा कॉलोनी, साकेत नगर, अशोका गार्डन समेत करीब 20 कॉलोनियों में प्लॉट और मकानों की लीज रिन्युअल पर लगाए गए शुल्क को वापस लेने के लिए तैयार हो गई है। इसके लिए जल्द ही स्पष्टीकरण आदेश जारी किया जाएगा। इससे करीब 60 हजार प्लॉट और मकानों मालिकों को फायदा मिलेगा। उन्हें अब पुरानी दरों पर ही लीज रिन्यू कराने की छूट मिलेगी।
शासन ने हाल ही में भारतीय स्टाम्प अध्यादेश लाकर लीज रिन्यू कराने के लिए प्लॉट या मकान की मौजूदा बाजार दर की पांच फीसदी स्टाम्प ड्यूटी वसूलने का कानून बना दिया था। इससे लीज वाली प्रॉपर्टी के मालिकों को मौजूदा दर से 700 गुना ज्यादा लीज रिन्युअल शुल्क चुकाने के हालात बन गए थे। दैनिक भास्कर ने 28 सितंबर को 'लीज रिन्यू कराने पर अब 5% तक स्टाम्प शुल्क लगेगा' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
सोमवार को रहवासियों ने सरकार के इस कदम का तीखा विरोध किया। इसके बाद मंगलवार को साकेत नगर के रहवासियों ने गृह मंत्री बाबूलाल गौर और वाणिज्य कर विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव से मुलाकात कर शुल्क वापस लेने की मांग की।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद अध्यादेश के प्रावधानों का स्पष्टीकरण पत्र जारी करने पर सहमति बनी। इसी हफ्ते यह आदेश जारी होगा। इसमें बीडीए, हाउसिंग बोर्ड, नगर निगम व नजूल की कॉलोनियों में लीज रिन्युअल के नए शुल्क से छूट दी जाएगी।
700 गुना हो गया था शुल्क
श्री गौर से मिलने पहुंचे साकेत नगर के रहवासियों ने उन्हें बताया कि लीज रिन्युअल शुल्क अब 700 गुना बढ़ा दिया गया है। पहले 2400 वर्गफीट प्लॉट का लीज रिन्युअल शुल्क 700 रुपए था, लेकिन नई दर पर करीब 5 लाख रुपए हो गया है।
10 दिन से नहीं हुई लीज रिन्यू
बीडीए में औसतन हर महीने 250 से 300 प्रॉपर्टी की लीज रिन्यू होती है, लेकिन नया कानून लागू होने के बाद से एक भी लीज रिन्यू नहीं हुई। ठीक यही स्थिति हाउसिंग बोर्ड की भी रही।