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नियमों को अपने दैनिक कार्य का एक हिस्सा बनाना चाहिए: शर्मा

4 वर्ष पहले
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देरी रोड स्थित महर्षि विद्या मंदिर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ स्कूल के शिक्षक मौजूद रहे। शिविर में छात्र-छात्राओं काे संविधान के द्वारा दिए गए अधिकारों को कहां, कैसे-कैसे उपयोग कर सकते है, उसके बारे में बताया गया। विशेष रूप से उपभोक्ता अधिकार संरक्षण के बारे में विस्तृत रुप से बताया गया।

इस अवसर पर जिला विविध साक्षरता प्राधिकरण के सचिव प्रवीण पटेल, जिला विधिक अधिकारी वीरेंद्र खरे व राकेश दीक्षित अध्यक्ष वार ऐसोशियेशन मुख्य रूप से उपस्थित रहे। न्यायधीश प्रवीण पटेल ने विघार्थियों के समक्ष अपने अनुभव सांझा करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा ट्रैफिक नियमों का पालन करना चाहिए और विधि संवत कार्य करने की कोशिश करना चाहिए क्योंकि जो हम दूसरों से अपेक्षा करते है। वहीं दूसरा भी आपसे अपेक्षा रखता है। वीरेंद्र खरे विधिक सहायता अधिकारी ने कहा कि न्याय सभी को मिले और आर्थिक स्थिति उसमें कोई रूकावट न बने। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए इस प्राधिकरण की स्थापना की गई है और इसका उद्देश्य न्याय पालिका व सामान्य जन के बीच के गेप को कम करके न्याय को सुलभ बनाना है। इस अवसर पर विद्यालय प्राचार्य सीके शर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों को अभी से ही संविधान द्वारा निर्धारित नियमों को अपने दैनिक कार्य का एक हिस्सा बनाना चाहिए।

लाइसेंस बनवाना अनिवार्य: सचिव श्री पटेल द्वारा बच्चों को संविधान के मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों संबंधी जानकारी दी गई साथ ही बच्चों को बताया गया कि 18 वर्ष से अधिक आयु होने पर लाइसेंस अनिवार्य रूप से बनाए। मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अजाज के व्यक्ति 50 हजार रुपए से कम कीे वार्षिक आमदनी के व्यक्तियों के लिए निशुल्क विधिक सहायता योजना राज्य स्तर, जिला स्तर एवं तहसील स्तर पर मौजूद है।

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