राेक के बावजूद एमपीईबी ने डाल दी लाइन
किशोर सागर स्थित एक विवाह घर में 11 हजार केवी की लाइन डालने को लेकर कॉलोनी के निवासियों और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच पिछले सप्ताह विवाद हो गया था। कॉलोनी के लोगों ने इसके विरोध में छतरपुर एसडीएम को आवेदन दिया।
एसडीएम ने दूसरे दिन इस कार्य को रोक कर विद्युत विभाग से जवाब मांगा पर मंगलवार की दोपहर विभाग ने आदेश को न मानते हुए बिजली की लाइन डाल दी। किशोर सागर स्थित एक विवह घर में पानी के फिल्टर प्लांट के कनेक्शन के लिए 11 हजार केवी की लाइन मंगलवार की दोपहर विद्युत विभाग के द्वारा डाल दी गई। कॉलोनी के रामकुमार अग्रवाल, संदीप चौरसिया, बल्लू शिवहरे, संतोष गुप्ता और राजेश अग्रवाल ने बताया कि 11 हजार केवी की विद्युत लाइन 5 फरवरी को डाली जा रही थी, लेकिन विवाद होने पर विभाग ने रोक दी। मामले की शिकायत उसी दिन एसडीएम छतरपुर को की गई। दूसरे दिन 6 फरवरी को एसडीएम डीपी द्विवेदी ने स्टे देकर काम रोकने का आदेश जारी किया। बि विभाग को 11 जहार केवी की लाइन कॉलोनी में डालने के संबंध मे जवाब देने के लिए एसडीएम कोर्ट में 25 फरवरी तक का समय दिया। पर विद्युत विभाग के सहायक यंत्री ने आदेश का उलंघन करते हुए मंगलवार की दोपहर कॉलोनी के संकीर्ण रास्ते में लाइन डाल दी। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि विद्युत विभाग के अधिकारी और कर्मचारी एसडीएम कोर्ट के आदेश को भी नहीं मानते है। काॅलोनी के रामकुमार और संतोष का कहना है कि विद्युत विभाग से उन्होंने निवेदन किया था कि वे केविल बाली लाइन डाल दें ताकि कोई अप्रिय घटना न घट सके। पर विजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने एसडीएम कोर्ट के आदेश की अवहेलना करते हुए मंगलवार को 11 हजार केवी की खुले तारों वाली लाइन डाल दी है।
कोई आदेश नहीं है
इस मामले में एमपीईबी के डीई एसके गुप्ता का कहना है कि हमारे पास किसी भी प्रकार का आदेश नहीं था। उन्होंने कहा कि मंगलवार को काम के दौरान ही लोगों ने उन्हें स्थगन आदेश की जानकारी विभाग के अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि जानकारी मिलने के बाद उन्होंने काम बीच में ही राेक दिया है।
किशोर सागर तालाब के पास विद्युत विभाग ने 11 हजार केवी की लाइन डाल दी है। इस लाइन से आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है।