किसी भी प्राणी को अहंकार नहीं करना चाहिए : महाराज
श्रीमद भागवत कथा सुनने तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
भास्कर संवाददाता| छतरपुर
श्रीश्री 1008 श्री चेतगिरी हनुमान मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा व्यास ब्रहृानंद महाराज ने राम नाम संकीर्तन करते हुए कथा का शुभांरभ किया। इसके बाद दक्ष और भगवान शंकर के बैर की कथा सुनाई। कथा सुनने के लिए भारी संख्या में भक्त मौजूद रहे।
ब्रम्हानंद महाराज ने दक्ष और भगवान शंकर में किस कारण बैर हुआ और किस तरह दक्ष यज्ञ में सती ने देह त्याग किया। भगवान शिव के गणों ने कैसे यज्ञ विधवंस किया। उन्होंने श्रोताओं को समझाया कि अभिमान चाहे देवता, मनुष्य, राक्षस कोई भी करें अंहकार प्राणी को नष्ट कर देता है। यही कारण है कि भले ही दक्ष प्रजापति देवताओं के प्रजापति थे। सती के पिता यानी भगवान शंकर के ससुर थे, लेकिन जब उन्हें पद का अभिमान हो गया तो उन्होंने शंकर जी का ब्रहृामा जी की सभा में अपमान किया। इस कारण उन्हें नष्ट होना पड़ा। इसलिए मानव को धर्म है कि अच्छा पद मिलने पर बहुत धन प्राप्त होने पर या प्रतिष्ठा मिलने पर अभिमान नहीं करना चाहिए। जिसने भी इस जगत में आकर अभिमान किया है उसका पतन हुआ है। अभिमानी का पतन निश्चित है। मानव जाति को अभिमान नहीं करना चाहिए। मंगलवार को कथा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अधिक से अधिक लोग पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की सजीव झांकी के दर्शन करेंगे।
श्रीराम महायज्ञ और रामलीला का समापन, उमड़े श्रद्धालु
टीकमगढ़|नगर पंचायत बड़ागांव धसान से 8 किलो मीटर दूर स्थित ग्राम सुकलाई स्थित हनुमान मंदिर पर चल रहे श्रीराम महायज्ञ और रामलीला महोत्सव का विधिवत समापन हो गया। महोत्सव में समापन अवसर पर मंदिर परिसर में भंडारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। राम महायज्ञ के संयोजक राजकुमार पप्पू पाठक ने बताया कि 31 तारीख को कलश यात्रा के साथ यज्ञ का शुभारंभ हुआ था। यज्ञ में क्षेत्र भर से ग्रामीणों द्वारा बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया।