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रैली निकालकर संविदा कर्मियों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन

5 वर्ष पहले
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900 प्रेरक शिक्षकों को नहीं मिला मानदेय
ग्राम रोजगार सहायक व मनरेगा संविदा कर्मियों ने शहर के मुख्य मार्गो से निकाली रैली

भास्कर संवाददाता| छतरपुर

ग्राम पंचायत रोजगार सहायक व मनरेगा के संविदा अधिकारी-कर्मचारियों ने नियमितीकरण सहित समान काम समान वेतन की मांग को लेकर हाथों में झाड़ू रैली के माध्यम से शहर की मुख्य सड़कों की सफाई की और अपनी मांगों का मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

इस दौरान संविदा कर्मियों ने जिला पंचायत के सामने धरना प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। पांचवे दिन भी संविदा कर्मियों की कलमबंद हड़ताल जारी रही। संघ के जिला प्रवक्ता सुभाष रावत ने बताया कि ग्राम पंचायतों में रोजगार सहायकों व मनरेगा के संविदा अधिकारी-कर्मचारियों ने नियमित कर्मचारी की भांति कार्य लिया जा रहा है, लेकिन वेतन उन्हें महज नाम मात्र के लिए दिया जा रहा, जिससे परिवार का भरण-पोषण भी ठीक से नहीं हो पा रहा है। रैली में जिलेभर से मनरेगा के संविदा कर्मी व ग्राम पंचातयों से रोजगार सहायक आए हुए थे। संघ के जिलाध्यक्ष चेतन अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायत में पदस्थ संविदा रोजगार सहायकों को जो वेतन शासन द्वारा अभी दिया जा रहा है। वह भी कभी समय से नहीं दिया जाता है, जिससे रोजगार सहायक परेशान रहते है। उन्होनें बताया कि जीएडी विभाग द्वारा वर्ष 2013 में संविदा कर्मियों की नियमितीकरण की जो समेकित नीति तैयार की गई थी, उसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। रोजगार सहायकों को सहायक सचिव पद पर स्थाई करते हुए, उन्हें कलेक्टर दर से वेतन प्रदान किया जाए। यदि 24 फरवरी तक मांगों का निराकरण शासन द्वारा नहीं किया जाता है, तो 25 फरवरी से संगठन अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहेगा। हड़ताल के दौरान इलियास खान, श्रीराम चतुर्वेदी, ब्रजेश गुप्ता, अभिलाषा श्रीवास्तव, गोपाल शर्मा, रबींद्र गुप्ता, आशीष मिश्रा, मनीष विश्वकर्मा, राकेश गुप्ता, दीपक, राघवेंद्र सिंह, पुष्पेंद्र पाठक, साधना पाठक, इंदिरा बरार, रोशनी अहिरवार, नीलम तिवारी सहित अन्य संविदा कर्मी मौजूद थे।

मनरेगा अधिकारी संविदा कर्मचारियों और रोजगार सहायक संघ ने नियमित किए जाने की मांग को लेकर रैली निकाली।

भास्कर संवाददाता| छतरपुर

जिले के 9 सौ प्रेरक शिक्षकों को 10 माह से मानदेय न मिलने से परेशान हैं। जिले के सभी प्रेरक शिक्षक इस मामले में कई बार अपने उच्च अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस कारण सभी प्ररक शिक्षकों की माली हालत खराब हो गई है। सभी एक एक रुपए के लिए परिशान घाम रहे हैं पर इनकी सुनने बाला कोई नहीं है।

गांव में साक्षरता की दर बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने साक्षर योजना चलाई। इस योजना के तहत छतरपुर जिले मे साक्षरता को बढ़ाने के लिए गांव के 9 सौ संविदा प्रेरक शिक्षकों को संविदा पर नियुक्त किया गया। यह योजना गांव मे प्रेरक शिक्षकों के द्वारा चलाई जा रही है। पर इन शिक्षकों को 10 माह बीत जाने के बाद भी मानदेय नहीं मिल पारहा है। प्रेरक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष राजेश अहिरवार ने बताया कि मानदेय न मिलने से सभी शिक्षकों की माली हालत खराब होने लगी है। मानदेय न मिलने से शिक्षकों पर उधारी का बोझ बढ़ता जारहा है, और वे दिन पर दिन परेशान होते जारहे हैं।

मुख्यमंत्री को भी अवगत कराया है
श्री अहिरवार ने बताया कि मानदेय न मिलने से शिक्षकों को बच्चों की फीस, राशन और घर की जरूरतों के उपयोग मे बाने वाले कई सामान की परेशानी हो रही है। इस संबंध में शुक्रवार को मप्र प्रेरक शिक्षक संघ ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञपन सौंप कर निजी जीवन में होने वाली समस्याओं से अवगत कराया है। इसी के साथ शिक्षकों ने मानदेय के स्थान पर वेतनमान लागू करने की मांग भी रखी है। इस दाैरान संघ के संघ के राजाबेटा पटेल, महेश प्रजापति, प्रमोद अहिरवार, पुष्पा तिवारी, रचाना त्रिवेदी, प्रीतम अहिरवार, बालमकुंद, रमेश्वर और प्रीतम अहिरवार सहित अनेक शिक्षक मौजूद रहे। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी जेएस बरकड़े का कहना है कि प्रेरक शिक्षकों का मानदेय भोपाल से आता है। जैसे ही मानदेय के लिए बजट आता है। सभी शिक्षकों को मानदेय दे दिया जाएगा।

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