दो साल, दो टेंडर फिर भी नहीं मिल पा रही हरपालपुर में नाली निर्माण
नाली निर्माण, सीसी और पेवर्स लगाने के विकास कार्यों पर लगाई रोक
पहला टेंडर 37 लाख 52 हजार और दूसरा टेंडर 53 लाख 67 हजार का नही मिली हरी झंडी
भास्कर संवाददाता | हरपालपुर
नगर के विकास में ग्रहण के बादल छा गए हैं। दो सालों से नाली का निर्माण कार्य नहीं हो पा रहे हैं। पूर्व अध्यक्ष अभिषेक राय के कार्यकाल में मुख्यमंत्री अधो संरचना के अंतर्गत दो करोङ रूपए बस स्टेन्ड आैर पानी की टंकी से बस स्टैंड तक नाली निर्माण कार्य स्वीकृत हो गए थे। लेकिन नगर की मुख्य सङक मार्ग पर स्वीकृत नाली का ठेकेदार बीच में ही काम छोङ गया। 21जुलाई 2015 ऑनलाइन टेंडर नंबर 4866 ठेकेदार एमएस सांई कंस्ट्रक्शन का 37 लाख 52 हजार रुपए मूल्यांकन से 12 प्रतिशत अधिक टेंडर स्वीकृत हो गया, लेकिन परिषद की बैठक में बिना कारण बताए अस्वीकृत कर दिया। नगर परिषद ने दोबारा अक्टूबर 2015 को ऑनलाइन टेंडर जारी किया। ऑनलाइन टेंडर नंबर 6274 टेंडर 53 लाख 67 हजार ठेकेदार समर कंस्ट्रक्शन का मूल्यांकन से 31.1 प्रतिशत कम का टेंडर स्वीकृत हुआ, लेकिन परिषद की बैठक में उसे अस्वीकार कर दिया गया। तीसरा टेंडर 26 जनवरी 2016 को दोबारा जारी किया गया है।
टेंडर पास करना परिषद का काम
मूल्यांकन से 30 प्रतिशत कम टेंडर स्वीकृत होने से हमारे निकाय को ही फायदा था। लेकिन परिषद की बैठक ने गुणवत्ता का आरोप लगा कर अस्वीकृत कर दिया। पहला टेंडर मूल्यांकन राशि से 12 प्रतिशत अधिक होने के कारण अस्वीकार कर दिया गया। सीएमओ होने के नाते सलाह दे सकते। टेंडर पास करना परिषद का काम है। महादेव अवस्थी, सीएमओ नगर परिषद हरपालपुर
चर्चा कर मामले की जांच कराएंगे
नाली निर्माण सीसी और पेवर्स लगाना तकनीकि मामला है। ऑनलाइन टेंडर स्वीकृति संभागीय कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन सागर द्वारा किया जाता है। स्वीकृति के बाद ही परिषद में रखा जाता है। परिषद ने क्यों निरस्त कर दिया। कार्यपालन यंत्री से चर्चा करेंगे। ठेकेदारों ने कोई भी शिकायत नहीं की फिर भी मामले की जांच कराएंगे। निरंकार पाठक परियोजना अधिकारी, डूडा छतरपुर
खुली बैठक कराई जाए
मैने परिषद की बैठक में ऑनलाइन टेंडर दोनों बार रखे मैं, सीएमओ और पार्षद बिष्णु राय को छोड़ किसी भी पार्षद ने टेंडर की स्वीकृति नहीं दी। पार्षदों के कारण टेंडर पास नही हुआ। मैने सीएमओ से कह दिया है कि आगामी बैठक में नगरवासियों और पत्रकारों को बुलाकर खुली बैठक कराई जाए। ताकि नगर की जनता को मालूम हो सके। नगर के विकास में रोक कौन लगा रहा, मैं या परिषद। मता बैसाखिया, अध्यक्ष नगर परिषद हरपालपुर
बार-बार अस्वीकृत
किए जा रहे टेंडर
नाली का निर्माण नहीं होने से नाली का गंदा पानी राजकुमार जैन और हेमंत कुमार त्रिवेदी के घर में घुस रहा है। इनके द्वारा कई बार शिकायत भी की गई है। लेकिन अभी तक नगर परिषद ने नाली का निर्माण नहीं कराया। नाली निर्माण नही होने से अहमद खान, डॉ दिनेश सिंह, राजकुमार जैन, अंकित राय, राकेश त्रिवेदी, शाल्या बेगम सहित कई लोगों में नगर परिषद के खिलाफ आक्रोष व्याप्त है।