8 नर्सिंग कॉलेजों ने 3 साल में रोकस को Rs.9.50 लाख की चपत लगाई
तीन साल में 8 नर्सिंग कॉलेजों ने रोगी कल्याण समिति (रोकस) को लाखों रुपए का चूना लगा दिया। यह गड़बड़ी कलेक्टर राजेश जैन ने नोटशीट की जांच के दौरान पकड़ी। इस मामले में 8 नर्सिंग कॉलेजों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। मंगलवार को पांच कॉलेज के संचालकों ने हड़बड़ी में राशि भी जमा करा दी है
नर्सिंग कॉलेज एवं नर्सिंग स्कूलों द्वारा रोगी कल्याण समिति को अंधेरे में रखकर अपनी संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को जिला अस्पताल में 2 से 3 माह तक प्रशिक्षण दिलवाया। कायदे से इसके एवज में रोगी कल्याण समिति को प्रति छात्र के हिसाब से 1 हजार रुपए चुकाने थे। तीन साल से ज्यादा समय तक यह गड़बड़ी चलती रही। इससे पहले भी वर्ष 2008-09 में भी एक कॉलेज ने अपनी संस्थान के बच्चों का मुफ्त में प्रशिक्षण दिलवाया। दो साल में इन कॉलेजों ने 9.50 लाख रुपए का चूना लगा दिया।
कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। कॉलेज संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। उन्हें चेतावनी दी है कि अगर राशि जमा नहीं की तो मान्यता समाप्त करने के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इन कॉलेजों ने दो-दो बार छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण दिलवाया।
इस तरह दिलवाया गया प्रशिक्षण
वर्ष 2008-09 में: 27 छात्र-छात्राओं ने मुफ्त में जिला अस्पताल में इंट्रन्सिव की। हालांकि कॉलेज ने कार्रवाई के डर से 12500 रुपए जमा कर दिए हैं।
वर्ष 2009-10 में: 40 छात्र-छात्राओं ने अस्पताल में तीन शिफ्ट में प्रशिक्षण लिया। इनसे 40 हजार रुपए वसूली होनी है।
वर्ष 2012-13 में: 4 कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने अस्पताल में प्रशिक्षण लिया। इन कॉलेज के 547 विद्यार्थियों ने 2 से 3 माह अस्पताल में रहकर काम सीखा। इन कॉलेज ने भी पैसा जमा कराना शुरु कर दिया है। वर्ष 2013-15 में भी 149 छात्रों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।
वर्ष 2014-15 में: 5 कॉलेज ने 321 विद्यार्थियों को अस्पताल प्रशिक्षण के लिए भेजा। लेकिन कोई राशि जमा नहीं कराई।
इन कॉलेज संचालकों को नोटिस
कलेक्टर ने गड़बड़ी करने के मामले में महारानी शिवांगी कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंस एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट गुना, मालवा स्कूल ऑफ नर्सिंग बीनागंज, ओमकार स्कूल ऑफ नर्सिंग आरोन, ओमकार स्कूल/कॉलेज गुना, ओमकार कॉलेज ऑफ नर्सिंग गुना, ओमकार कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल, रामकृष्ण कॉलेज ऑफ नर्सिंग, आईआईटीएस कॉलेज/स्कूल ऑफ नर्सिंग को नोटिस जारी किया है। इन सभी से राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
तीन साल से चल रही गड़बड़ी, संचालक मंगलवार को पैसे जमा करने पहुंचे
कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा
नर्सिंग कॉलेज फीस चुकाए बिना अस्पताल में विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करवा रहे थे। लेकिन यह गड़बड़ी जांच में पकड़ी गई। राशि जमा न करने की स्थिति में मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा। -राजेश जैन, कलेक्टर
कलेक्टर की सख्ती के बाद पांच कॉलेजों ने दो लाख जमा कराए
कलेक्टर के सख्ती के बाद कॉलेजों ने राशि जमा कराना शुरू कर दिया है। इन कॉलेजों से 9.50 लाख रुपए से ज्यादा राशि लेनी थी। 5 कॉलेज ने 1 लाख 88 हजार रुपए से ज्यादा राशि जमा भी कर दी है। शेष राशि कुछ दिनों में आने की उम्मीद है।
सिविल सर्जन बोले- राशि देनी चाहिए थी पर दी नहीं कॉलेजों ने
सिविल सर्जन डॉ. वायएस रघुवंशी ने बताया कि निजी कॉलेज अस्पताल में छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण के लिए भेजते थे। कायदे से निजी कॉलेज को प्रशिक्षण की राशि जमा कराने के निर्देश थे तो उन्होंने हमें इस बारे में सूचना नहीं दी। इस वजह से गड़बड़ी पकड़ में नहीं आई। कलेक्टर को नोटशीट भेजी तो उनके संज्ञान में पूरा मामला आया।
राशि जमा नहीं करने पर मान्यता समाप्त की जाएगी
हर एक छात्र से ढाई लाख तक लेते हैं फीस
नर्सिंग कॉलेज द्वारा एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, डीएमएलटी, डीएक्सआरटी जैसे पाठ्यक्रम गुना में संचालित किए जा रहे हैं। इसमें बीएससी नर्सिंग की फीस ढाई लाख तक ली जाती है। यह कोर्स 3 से 4 साल तक का है। इसके अलावा एएनएम पाठ्यक्रम में 60 हजार रुपए लिए जाते हैं। जीएनएम की फीस भी सवा लाख रुपए के लगभग है। इतनी मोटी फीस वसूलने के बाद कॉलेज अस्पताल को प्रति छात्र 1 हजार रुपए के हिसाब से जमा कराने से बच रहे थे।