कोलार का संपत्तिकर घटेगा, बाकी शहर का टैक्स बढ़ाने की तैयारी
इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्टर|भोपाल
चुनाव से पहले नगर निगम सीमा में शामिल हुए कोलार और 20 गांवों के रहवासियों को नगर निगम बड़ी राहत देने की तैयारी कर रहा है। इस क्षेत्र के संपत्तिकर की गणना के लिए अलग परिक्षेत्र बनाया जाएगा। दूसरी ओर शहर के अन्य क्षेत्रों में संपत्तिकर में 10 फीसदी वृद्धि करने और हाॅस्टल्स से लिए जाने वाले टैक्स को दोगुना किए जाने की तैयारी है।
नगर निगम ने नए बजट की तैयारी शुरू कर दी है। एक साल पहले तक कोलार क्षेत्र नगरपालिका के अधीन था और शेष 20 गांव ग्राम पंचायत में शामिल थे। निगम अधिकारी बताते हैं कि कोलार नगरपालिका में जिस मकान पर 1,500 रुपए संपत्तिकर लगता था, वह बढ़कर 5 हजार रुपए हो गया। तब से ही स्थानीय रहवासी लगातार संपत्तिकर कम करने की मांग कर रहे हैं।
4.47 करोड़ का घाटा सिर्फ स्थापना व्यय पर
24.81 करोड़ रुपए की आय हर माह होती है नगर निगम को
29.28 करोड़ इस साल नगर निगम का स्थापना व्यय
राहत पर नगर निगम सहमत
कोलार और हुजूर विधानसभा के लोगों को संपत्तिकर में राहत दिलाने के लिए महापौर और नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। नगर निगम अगले बजट में राहत देने पर सहमत हुआ है। -रामेश्वर शर्मा, विधायक हुजूर
किसी पर अनावश्यक बोझ नहीं
अगले बजट में कोलार व 20 गांवों के रहवासियों को राहत देने पर सहमति बनी है। संपत्तिकर की नई दरों की घोषणा अगले बजट में ही होगी। निगम की आय बढ़ाने के अन्य सुझावों पर एमआईसी निर्णय करेगी। किसी पर भी जबरन बोझ नहीं बढ़ाया जाएगा। -आलोक शर्मा, महापौर
10फीसदी..बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया
निगम के राजस्व विभाग ने अगले साल संपत्तिकर में 10% की वृद्धि करने का प्रस्ताव दिया है। प्रस्ताव में किराए पर देने वाले मकान मालिकों से कमर्शियल दर पर संपत्तिकर लेने की बात कही गई है। अभी स्वयं के निवास की स्थिति में वार्षिक भाड़ा मूल्य पर 50 % छूट मिलती है।
अलग परिक्षेत्र का सुझाव... ताकि अलग से दर तय की जा सके
हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा ने मंगलवार को महापौर आलोक शर्मा, आयुक्त तेजस्वी एस नायक, अपर आयुक्त जीपी माली और संपत्तिकर अधिकारी अर्चना शर्मा के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। विधायक शर्मा ने कहा कि कोलार में ज्यादातर मध्यमवर्गीय परिवार रहते हैं। उन पर कर का बोझ नहीं बढ़ाया जाना चाहिए। शर्मा ने अलग परिक्षेत्र बनाने का सुझाव दिया, ताकि यहां की दर अलग से तय की जा सके। महापौर सहित सभी अधिकारी इस सुझाव से सहमत हैं।
साल दर साल बढ़ रहे हैं खर्चे
माना जा रहा है कि नगर निगम के खर्चे लगातार बढ़ने की वजह से संपत्ति कर में वृद्धि की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार नगर निगम का स्थापना व्यय साल दर साल बढ़ रहा है। पिछले साल नगर निगम का स्थापना व्यय 21.05 करोड़ रुपए प्रति माह था, जो इस साल बढ़ कर 29.28 करोड़ रुपए मासिक हो गया। नगर निगम सीमा बढ़ने से स्थापना व्यय में हर माह 8.23 करोड़ रुपए की वृद्धि हो रही है। दूसरी ओर, नगर निगम को औसतन हर माह 24.81 करोड़ रुपए की आय होती है। यानी केवल स्थापना व्यय में ही 4.47 करोड़ रुपए का घाटा हो रहा है।