कनेक्शन चालू करने ठग ने Rs.2400 की जगह काटी Rs.4800 की रसीद,पकड़ाया
बिजली कंपनी की फर्जी रसीद के जरिए किसानों से रुपए ऐंठने का मामला सामने आया है। 2400 रुपए की जगह 4800 रुपए की रसीद काट दी। ऐसी ही एक रसीद सामने आने के बाद अधिकारियों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। करीब एक माह पूर्व ऐसा ही एक मामला पगारा में भी सामने आ चुका है। बताया जाता है कि आरोपी पहले बिजली कंपनी में लगे एक निजी वाहन का ड्राइवर था। उसने दावा किया है कि कंपनी में काम करने वाली एक संविदा कर्मचारी महिला के साथ मिलकर वह यह गड़बड़ी कर रहा था।
बुधवार को यह मामला उस समय सामने आया, जब गुना ग्रामीण के जूनियर इंजीनियर (जेई) पीसी जैन के पास एक किसान बिजली बिल की रसीद लेकर आया।
ढोलबाज गांव के जुगराज सिंह नामक किसान ने श्री जैन को 4800 रुपए की रसीद दिखाते हुए कहा कि उसने बिल जमा कर दिया है, इसलिए अब उसका कनेक्शन पुन: जोड़ दिया जाए। जेई को रसीद देखकर शक हुआ। उन्होंने किसान से पूछा कि यह कहां से मिली। उसने बताया कि अभी-अभी उसने पैसा जमा किया है। कंपनी के मुख्य द्वार के पास ही एक व्यक्ति ने बिल जमा कर यह रसीद उसे दी है।
एई ने पहचाना : पहले
था ड्राइवर
इसके बाद आनन-फानन में कंपनी के कई अधिकारी बाहर आए। तब तक उक्त आरोपी वहां से गायब हो चुका था। वे उस किसान को लेकर कुछ दूर गए तो मोटर साइकल पर उक्त आरोपी मिल गया। वे सीधे उसे कोतवाली लेकर पहुंच गए। आरोपी ने अपना नाम मुकेश पुत्र इंद्रपुरी गोस्वामी निवासी बांसखेड़ी बताया है। कंपनी के एई एसएस चौहान उसे देखकर पहचान गए। उन्होंने कहा कि दो साल पहले ऑफिस में एक निजी इंडिका कार किराए पर लगाई गई थी। आरोपी उसका ड्राइवर था। उसने करीब डेढ़ साल तक यह गाड़ी चलाई। यह गाड़ी भी बिजली कंपनी में काम करने वाले एक क्लर्क की थी।
एक माह पहले भी फर्जी रसीद से भरा था बिल
मौके पर मौजूद पगारा डीसी के जेई मनोज जायसवाल ने बताया कि एक माह पहले भी ऐसा ही मामला सामने आ चुका है। करोद के एक किसान विमलेश धाकड़ के नाम से 7020 की रसीद काटी गई थी। बकाया की वजह से उक्त किसान का कनेक्शन काट दिया गया था। बाद में उसने बताया कि वह पैसा जमा कर चुका है। किसान के पास जो रसीद थी, वह भी फर्जी थी।
बड़ा सवाल यह भी
बिजली कंपनी के सामने सवाल यह है कि क्या उक्त रसीदें की मदद से बिलों में किसी तरह का एडजस्टमेंट भी हो रहा था या नहीं? यह बात पूछताछ के बाद सामने आने की उम्मीद है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को चूना लगाया।
मामले के कई पहलुओं की जांच
कंपनी कर्मचारी की मिलीभगत की आशंका
कंपनी के एई श्री चौहान ने बताया कि इस मामले में कई चीजें सामने आ रही हैं। आरोपी ने बताया है कि कंपनी में कंप्यूटर पर काम करने वाली एक संविदा ऑपरेटर के साथ उसकी मिली भगत है। उसके जरिए वह क्या काम करता था? दोनों की इस मामले में क्या-क्या भूमिकाएं हैं, यह बात जांच करने की है।
कैसे हुई फर्जी रसीद की पहचान
अधिकारियों ने बताया कि रसीद में सीरियल नंबर चार अंकों का था। जबकि फिलहाल कंपनी में तीन अंकों का नंबर चल रहा है। असली रसीद पर बिजली कंपनी का नाम बहुत हल्के शब्दों में हैं, जबकि नकली में वे डार्क अक्षरों में थे। साथ ही आरोपी ने नीले कार्बन पेपर का इस्तेमाल किया है, जबकि कंपनी ऐसा नहीं करती। इसके साथ ही कनेक्शन नंबर गलत था।
विधुत वितरण कम्पनी कार्यालय में फर्जी रसीद काटते मिले युवक मुकेश गोस्वामी से पुछताछ करते कम्पनी अधिकारी।