पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • National
  • प्रदेश में अवैध हथियारों के पांच हजार सौदागर; खरीदार 16 हजार, सबसे ज्यादा इंदौर के 1400

प्रदेश में अवैध हथियारों के पांच हजार सौदागर; खरीदार 16 हजार, सबसे ज्यादा इंदौर के 1400

4 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पांच साल में गिरफ्तार किए गए 100 आरोपियों की डिजिटल मॉनिटरिंग से हुआ खुलासा
सही धारा नहीं लगने से सजा का आंकड़ा 4 साल में 13.36% कम
पुलिस सिकलीगरों पर आर्म्स एक्ट की धारा (25 व 27) लगाती है। इसमें अधिकतम सात साल की सजा होती है, जबकि इसी एक्ट की धारा (25-1 कक) में आजीवन कारावास का प्रावधान है। यह धारा नहीं लगने से एेसे मामले में सजा का जो प्रतिशत 2010 में 50.26 था, वह 2014 तक 36.9 पर आ गया, जबकि देश में सजा का प्रतिशत 64.7 रहा है।

खरीदारों को भी करेंगे गिरफ्तार
हमें एसटीएफ से महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। उनके आधार पर क्राइम ब्रांच लगातार कार्रवाई कर रही है। हम उन लोगों को भी गिरफ्त में लेंगे, जो शौक के लिए अवैध हथियार खरीद रहे हैं। - हरिनारायणचारी मिश्र, डीआईजी

इस तरह बढ़ गए खरीदार
एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक इंदौर के जिन 1400 लोगों ने सिकलीगरों से संपर्क किया, उनमें लगभग सभी हथियार खरीदने वाले थे। किसी एक व्यक्ति ने अवैध पिस्टल खरीदी। फिर उसने दोस्त या परिचित को बताया। एेसे और लोग सिकलीगरों के नंबरों से संपर्क में आकर हथियार खरीदते गए। इंदौर के बाद भोपाल, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, खंडवा, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, छतरपुर, जबलपुर जिलों में सबसे ज्यादा लोगों का संपर्क सिकलीगरों से होना पता चला।

एसटीएफ की सूची में रसूखदार से गुंडे तक
एसटीएफ से यह सूची सभी जिलों के पुलिस अफसरों को सौंपी जा चुकी है। इनमें हर शहर के रसूखदारों से लेकर गुंडे-बदमाशों के नाम भी शामिल हैं। पुलिस इनकी जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि कुछ सिम फर्जी नाम से ली गई हैं। जिनके नाम पर सिम जारी हुई, उन्हें इन सारी चीजों का पता ही नहीं चला।

दूसरे प्रदेशों के नंबरों का कर रहे इस्तेमाल
एसटीएफ ने जिन 150 नंबरों की कॉल डिटेल निकाली उनमें बहुत से नंबर राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र के हैं लेकिन इनका इस्तेमाल प्रदेश के सिकलीगरों द्वारा किया जा रहा है। जैसे- बुरहानपुर के पास सिकलीगरों के अड्डों पर मप्र के मोबाइल टावर का नेटवर्क नहीं आता। वहां महाराष्ट्र के टावर से नेटवर्क आता। इसलिए वहां के लोग महाराष्ट्र से सिम लेकर मोबाइल चलाते हैं।

दीपेश शर्मा | इंदौर

आर्म्स एक्ट के मामलों में मध्यप्रदेश का नंबर देश में दूसरे नंबर पर आने के बाद प्रदेश सरकार ने अवैध हथियारों की मॉनीटरिंग के लिए एसटीएफ को नोडल एजेंसी बनाया है। एसटीएफ ने वर्ष 2010 से 2015 के बीच प्रदेश में गिरफ्तार हुए सिकलीगरों की जानकारी जुटाई। इस अवधि में प्रदेश के 48 जिलों में करीब 100 सिकलीगरों के गिरफ्तार होने का पता चला। एसटीएफ की इंदौर टीम ने कई महीनों की मशक्कत के बाद रिपोर्ट डीजीपी को सौंपी। इस दौरान इन सिकलीगरों के घर, परिवार की जानकारी के साथ उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबरों की भी सूची निकाली।

रिपोर्ट के मुताबिक पूरे प्रदेश में लगभग पांच हजार सिकलीगर हैं। इनमें से सिर्फ 100 पर फोकस करने से पता चला उनके द्वारा एक से ज्यादा मोबाइल नंबर इस्तेमाल किए गए हैं। 150 से ज्यादा मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल निकाली गई। तब पता चला कि प्रदेश के 48 जिलों में 16 हजार लोग सिकलीगरों से पांच से ज्यादा बार बात कर चुके हैं। जिलेवार बनी सूची में सर्वाधिक इंदौर से 1400 लोग के सिकलीगरों के संपर्क में रहे हैं।

सौ अवैध फायर आर्म्स पकड़ चुकी है इंदौर पुलिस पिछले सात साल में

14

नंबर पर है इंदौर प्रदेश में इस मामले में। इससे पहले भिंड और ग्वालियर।

03

नंबर पर है मप्र अवैध हथियारों की बिक्री में देश में, बिहार पहले पायदान पर

02

खबरें और भी हैं...