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क्रॉसिंग बंद करने बिना ड्रेनेज के अंडरपास बनाए, एप्रोच रोड 1 साल में ही हो गई खराब

4 वर्ष पहले
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अंडरपास की कहानियां : कई जगह तो बिना विवाद सुलझाए ही कर दिया निर्माण
ट्रेनों की आवाजाही सुरक्षित करने के लिए रेलवे द्वारा तमाम लेवल क्रॉसिंग बंद की जा रही है। इसके लिए वह अंडरपास बना रही है। पर कई जगहों के अंडरपास का काम पूरा किए बिना ही क्रॉसिंग बंद कर दी गईं। इनमें से तीन को लेकर तो भारी परेशानी खड़ी हो रही है और रोजाना 3 से 5 हजार लोग परेशान हो रहे हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लेवल क्रॉसिंग बंद की जा रही हैं। उनके मुताबिक इन क्रॉसिंग के रखरखाव व ड्रेनेज की जिम्मेदारी भी रेलवे की नहीं बल्कि राज्य शासन या उस विभाग की है, जिसकी सड़क पर इन्हें बनाया गया है। सवाल यह उठ रहा है कि रेलवे द्वारा अपने हिस्से का काम किस तरह कराया गया है। अधिकांश अंडरपास में ड्रेनेज सिस्टम बेहद खराब है। कई की एप्रोच रोड पर एक साल में ही गड्ढे हो गए हैं।

क्या कहना है रेलवे का

रेलवे के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया था कि सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि कोई भी सड़क रेल लाइन को क्रॉस नहीं करेगी। इसमें कहा गया है कि ट्रेनों की आवाजाही सुरक्षित व अबाध बनाना जरूरी है। इसे लागू करने के लिए ही अंडरपास बनाने का काम शुरू किया गया। उनका कहना है कि सिद्धांतत: रेलवे क्रॉसिंग भी सड़क परिवहन को दी गई सुविधा है। अंडरपास बनाने के लिए भी रोड अथॉरिटी आॅफ इंडिया ने पैसा दिया है। इसमें बाकायदा लिखित सहमति है कि अंडरपास के ड्रेनेज व रखरखाव व लाइटिंग की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकार की होगी।

बांसखेड़ी अंडरपास में बारिश का पानी भरे होने के बाद मजबूरी में वाहन निकालते वाहन चालक।

3 पगारा अंडरपास
यहां दो अंडरपास गुना-अशोकनगर सेक्शन पर बनाए गए हैं। इनके लिए ड्रेनेज बनाए ही नहीं गए, इसलिए उनमें पानी भर गया है। दूसरी ओर बिना काम कराए रेलवे क्रॉसिंग बंद कर दी गई। गुना-अशोकनगर-ईसागढ़ स्टेट हाईवे पर अंडरपास बनाए जाने का ही विरोध हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि इनकी वजह से उनके भारी वाहन हाईवे से नहीं जा पा रहे हैं।

समस्या : यह अंडरपास गुना और अशोकनगर जिला ही नहीं बल्कि उप्र तक जाने के लिए एक अहम रास्ते पर बना है। यहां से रोजाना एक हजार वाहन गुजरते हैं, जो बारिश की शुरूआत से ही परेशानी से जूझ रहे हैं।

1 बांसखेड़ी अंडरपास
इस अंडरपास का ड्रेनेज सिस्टम ही नहीं बन पाया था। पानी की निकासी जिस नाले से की जाना थी, उसे लेकर विवाद है। नाले पर किसी का कब्जा है और नगर पालिका उसे हटवा नहीं पा रही है। अब पानी निकासी की समस्या को पूरी तरह सुलझाए बिना रेलवे ने क्रॉसिंग को बंद कर दिया। जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने रेल-रोड क्रॉसिंग बंद करने को कहा था, न कि लोगों को मुसीबत में डालने को।

लोगों की समस्या : इस अंडरपास के कारण शहर के दो हिस्सों के बीच संपर्क टूट गया है। करीब 2 हजार लोग रोजाना परेशान हो रहे हैं। उन्हें रेल लाइन को पार करके दूसरी Ÿ””र जाना पड़ रहा है। जबकि कानूनन ऐसा करना अपराध है, लेकिन इसके बावजूद रेलवे के अधिकारी लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं कर सकते। क्योंकि आम लोगों के पास कोई विकल्प ही नहीं है।

बांसखेड़ी और म्याना अंडरपास बारिश में हो जाते हैं लबालब, 30 गांवों के लोग होते हैं परेशान
2 म्याना अंडरपास
खुद रेलवे अधिकारी मानते हैं कि यहां के अंडरपास के ड्रेनेज में भी समस्या है। इसे जिस नाले से जोड़ा गया है, उसका पानी उलटे इसमें आकर भर जाता है। बारिश तेज होने पर नाला अोवर फ्लो हो जाता है और अंडरपास में पानी भरने लगता है। रेलवे ने यह समस्या सुलझाए बिना ही क्रॉसिंग बंद कर दी थी। दो दिन पहले नाराज लोगों ने क्रॉसिंग का दरवाजा खोलकर वहां से आवाजाही शुरू कर दी।

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