पाठक मंच ने की पिता का आकाश पुस्तक की समीक्षा
गुना | पाठक मंच की समीक्षा बैठक में पिता का आकाश पुस्तक की समीक्षा की गई। अशोक शाह की पुस्तक की समीक्षा करते डॉ. शोभन ने कहा कि कविताएं मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी हैं। मानवीय दुख के लिए समाज में व्याप्त धार्मिक और सामाजिक कुरीतियों पर उनकी कविताएं तीक्ष्ण प्रहार करती हैं, इसलिए कविताएं पाठक से न केवल सीधे संवाद करने में सफल होती हैं, बल्कि पाठक को बहुत कुछ सोचने समझने को विवश कर देती हैं।
डॉ. जीके शर्मा कहा कि कविताओं में बहुत से चित्र अपने आसपास की घटनाओं से जुड़कर सजीव हो उठे हैं। डॉ. एकता जैन ने कहा कि भाषा विषयानुकूल है। प्रगीत शर्मा ने कहा कि पुस्तक में रोजमर्रा के जीवन के पक्षों में काफी रोचक एवं महत्वपूर्ण पहलुओं को छूती हुई कविताएं हैं। मन भावन कविता संग्रह पिता का आकाश है।