एक क्विंटल यानी सौ नहीं, एक सौ चार किलो होता है जनाब!

11 वर्ष पहले
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ग्वालियर-चंबल अंचल। ग्वालियर-चंबल अंचल की मंडियों में किसानों के साथ ठगी हो रही है। व्यापारी हर रोज तौल में किसानों को ठग रहे हैं। तय मानक के अनुसार तो एक क्विंटल में 100 किलो होता है लेकिन किसानों के लिए यह 104 किलो का हो गया है। दरअसल समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने आने वाले किसानों से खरीद केंद्रों पर एक क्विंटल के बदले 104 किलो गेंहू मांगा जा रहा है। किसानों के शोषण का सिर्फ यही एक तरीका नहीं है बल्कि हर रोज ही नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। यह तरीके व्यापारी, खरीद केंद्र संचालक व प्रशासन अपना रहा है। ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी उप्र का गेहूं अंचल की मंडियों में बिक रहा है। कहां कैसे ठगी दतिया में खरीद केंद्रों पर किसानों से एक क्विंटल पर दो से चार किलो तक अतिरिक्त गेहूं लिया जा रहा है। यदि किसान अतिरिक्त गेहूं देने से मना करता है, तो उसका गेहूं खरीदने से ही मना कर दिया जाता है। पिछले दिनों भांडेर निवासी पुरुषोत्तम पाठक ने मंडी में अतिरिक्त गेहूं देने से मना किया। सात दिन में उसका नंबर ही नहीं आया। पुरुषोत्तम ने इसकी शिकायत मंडी प्रबंधन से लेकर प्रशासन तक की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मजबूरी में निजी व्यापरियों को बेचना पड़ रहा गेहूं - शिवपुरी जिले में खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों के गेहूं में नमी और कचरा बताकर उन्हें लौटाया जा रहा है। मंडी तक भाड़ा खर्च कर पहुंचे किसान को मजबूरी में कम दामों पर निजी व्यापारियों को अपना गेहूं बेचना पड़ता है। जबकि मंडी प्रबंधन के पास नमी मापने के लिए मॉयश्चर मीटर भी नहीं है। यदि कुछ अतिरिक्त पैसे दिए जाते हैं, तो उसके गेहूं की गुणवत्ता अच्छी हो जाती है। - श्योपुर में समर्थन मूल्य की खरीदी शुरू होने के साथ ही प्रशासन के सभी दावे फेल साबित हो रहे हैं। केंद्रों से गेहूं गोदामों तक न पहुंचा पाने के कारण उनका गेहूं खरीदने से मना कर दिया गया। इससे मंडी पहुंचने वाले किसानों को अपना गेहूं वापस लेकर लौटना पड़ा। कुछ किसान मजबूरी में गेहूं व्यापारी को बेच कर लौट रहे हैं। - एसएमएस के मुताबिक निर्धारित तिथि चूकने पर किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए सोसायटी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह स्थिति सभी जिलों के खरीद केंद्र पर बन रही है। कुछ खरीद केंद्रों पर गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। यदि अभी भी खरीद केंद्रों पर किसानों को परेशान करने और उनसे अतिरिक्त गेहूं वसूलने की बात सामने आ रही है, तो कार्रवाई की जाएगी। -एसबी सिंह, कमिश्नर, ग्वालियर संभाग