(ग्वालियर नगर निगम का फरार इंजीनियर अतिबल सिंह)
ग्वालियर। व्यापमं के पीएमटी प्रवेश घोटाले से जुड़े बीस फरार आरोपियों के ऊपर एसआईटी ने तीन-तीन हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। इसमें सबसे प्रमुख नगर निगम ग्वालियर का एक इंजीनियर अतिबल सिंह यादव भी है, जिसने अपने बेटे का फर्जी तरीके से एमबीबीएस में प्रवेश कराया था। इनाम की इस सूची में उप्र व राजस्थान के कुछ ऐसे आरोपियों के नाम भी हैं, जिन लोगों ने सॉल्वर के रूप में दूसरे के स्थान पर पीएमटी की परीक्षा दी थी।
व्यापमं घोटाले में शामिल फरार आरोपियों के ऊपर एसआईटी लगातार शिकंजा कसती जा रही है। इसी के चलते सोमवार को एसआईटी ने बीस ऐसे लोगों के ऊपर तीन-तीन हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया, जो लंबे समय से फरार चल रहे हैं। इसमें नगर निगम ग्वालियर में पदस्थ इंजीनियर अतिबल सिंह यादव है। यादव ने भी अपनी लड़की का फर्जी तरीके से मेडिकल में प्रवेश कराया था।
इसके अलावा मुरैना के कुलदीप सिंह, संजय बाथम, अनिल मालौनी, अनिल राजपूत, भिंड के संजय माझी, सुखराम जाटव, निरंजन प्रसाद, बुद्धसिंह हिंडोलिया, रामअवतार हरिऔध, देवेन्द्र हरिऔध, शोभाराम जाटव विजय बाजौरिया, लखनऊ के राशिद खान, शाजापुर के आशीष चौहान, पीलीभीत के अतुल गुप्ता, रमेश सोलंकी धार, बादाम सिंह धार, महेश जाटव ग्वालियर, अतिबल सिंह यादव तथा आजमगढ़ उप्र के नीलेश कुमार मालवीय के ऊपर तीन-तीन हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया है। एसआईटी के मुताबिक अब इन सभी की तलाश की जाएगी और उम्मीद है कि जल्दी ही ये गिरफ्त में होगे।